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हरितालिका तीज 2025 की तिथि, पूजा विधि और महत्व – 26 अगस्त को मनाया जाएगा पर्व

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रायपुर। हरितालिका तीज 2025 का पावन पर्व इस साल 26 अगस्त 2025, मंगलवार को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए अति महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं और अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

🌸 हरितालिका तीज 2025 की तिथि और मुहूर्त

हरितालिका तीज 2025 तिथि एवं समय (Drik Panchang के अनुसार)

तृतीया तिथि प्रारंभ: 25 अगस्त 2025, शाम 05:42 बजे

तृतीया तिथि समाप्त: 26 अगस्त 2025, शाम 03:40 बजे

पूजा का शुभ मुहूर्त (पारंपरिक): 26 अगस्त 2025 को सुबह 06:00 बजे से 08:30 बजे तक सर्वश्रेष्ठ

पूजा का सामान्य मुहूर्त: सुबह 06:00 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक

व्रत का नियम:

महिलाएँ पूरे दिन निर्जला उपवास करेंगी।

रात्रि में जागरण और कथा श्रवण होगा।

अगले दिन प्रातः पारण कर व्रत पूरा किया जाएगा।

🕉️ पूजा विधि

– सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें।

– भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजन करें।

– बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।

– महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं और रात्रि जागरण करती हैं।

– अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।

📖 हरितालिका तीज की कथा

मान्यता है कि माता पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। उनकी इस तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। तभी से यह व्रत सुहागिन और अविवाहित कन्याओं के लिए शुभ माना जाता है।

🙏 व्रत का महत्व

– विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

– अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति हेतु व्रत रखती हैं।

– यह पर्व दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि और शांति का प्रतीक है।

🌺 विशेष: छत्तीसगढ़ सहित पूरे भारत में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाएगा। कई जगह सामूहिक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। 

जनपुकार CG न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट

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