महंगी बिजली दरों के विरोध में पूरे प्रदेश में आम आदमी पार्टी का व्यापक धरना प्रदर्शन संपन्न
“अत्यधिक महंगी बिजली जनता का शोषण और पूँजीपतियों को लाभ देने का सरकारी षड्यंत्र” – आम आदमी पार्टी
सूरजपुर: आम आदमी पार्टी द्वारा आज 4 नवम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों सहित सूरजपुर में एक साथ महंगी बिजली दरों के विरोध में धरना प्रदर्शन किया गया। रायपुर, सरगुजा, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित सभी जिलों में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिकों ने भारी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।

जिला सूरजपुर में पुराना बस स्टैंड पर पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक एकत्र हुए। वहाँ से रैली निकालकर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। धरना के दौरान लोकसभा सचिव लव कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार आम जनता की परेशानियों से मुँह मोड़ चुकी है। राज्य की जनता बिजली के बढ़ते बिलों से त्रस्त है और सरकार पूँजीपतियों के हित में काम कर रही है।
जिलाध्यक्ष रवि जायसवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ एक बिजली सरप्लस राज्य है और पानी, कोयला, जमीन व उत्पादन सब राज्य का है, तब जनता को महंगी बिजली देना अन्याय है।
सरकार का यह तर्क कि वितरण कंपनी घाटे में है, पूरी तरह भ्रामक है — यह निजी उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने का षड्यंत्र है।

बिजली कंपनियों द्वारा झूठा डाटा पेश किया जा रहा है — लाइन लॉस 15–20% बताया जा रहा है जबकि वास्तविकता में यह 3% से अधिक नहीं है।
सरकार बड़े उद्योगपतियों के करोड़ों रुपये के बकाया बिल माफ कर रही है, वहीं गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाल रही है। हर माह ऊर्जा प्रभार और अन्य गैरज़रूरी शुल्क जोड़कर जनता की जेब काटी जा रही है। आम आदमी पार्टी ने जुलाई महीने में भी दर वृद्धि वापस लेने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने अनदेखी की।
इसलिए आज का यह प्रदेशव्यापी धरना सरकार को चेतावनी है कि जनता के हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भटगांव विधानसभा के गांव आज भी अंधेरे में
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि भटगांव विधानसभा के दूरस्थ इलाकों — चांदनी बिहारपर, कोल्हूआ, महुली, खोहीर, रामगढ़, उमझर, रसौकी, जूडवनीया, बैजनपाठ, लूल्ह, तेलाईपाठ, भून्डा, कछवारी, नवडीह, मोहरसोप, खैरा, चोगा, करौटी, कछिया, परसा, बलीयरी, छतरंग, बाक, असुरा, पालकेवरा, केंसर, खोड़ सहित लगभग दो दर्जन से अधिक ग्रामों में आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी बिजली नहीं पहुँची है।
पार्टी ने कहा कि इन गांवों में सौर ऊर्जा के पैनल तो लगाए गए हैं, लेकिन अधिकांश स्थानों पर वे निष्क्रिय पड़े हैं।
बैटरी और इन्वर्टर खराब हैं, रखरखाव नहीं हो रहा है और कई जगहों पर सौर लाइट और पैनल चोरी या जर्जर स्थिति में हैं।

लोग आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं
आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि तीन महीने के भीतर इन सभी गांवों का सर्वे कराकर नियमित बिजली आपूर्ति एवं सौर ऊर्जा मरम्मत की व्यवस्था की जाए, ताकि इन क्षेत्रों में वास्तविक विद्युतीकरण हो सके।
पीएम सूर्य घर योजना में भी जनता परेशान
आम आदमी पार्टी ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने वालों की गंभीर समस्याओं को भी उठाया। पार्टी ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने इस योजना के तहत सोलर सिस्टम लगवाया है, उन्हें आज तक सब्सिडी नहीं मिल पाई है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत 1 किलोवाट सोलर सिस्टम की लागत सब्सिडी के बाद भी लगभग ₹60,000 आ रही है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की पहुँच से बाहर है।
सब्सिडी का भुगतान महीनों तक लंबित रहने से उपभोक्ता ठगे जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि सिस्टम लगाने के बाद भी सब्सिडी उनके खाते में नहीं आई है।
आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इस योजना में पारदर्शिता लाई जाए, उपभोक्ताओं को तत्काल सब्सिडी का भुगतान किया जाए और लागत को यथासंभव कम किया जाए ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें।
भाजपा की दोहरी नीति पर हमला
पार्टी ने कहा कि भाजपा बिहार में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा कर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ में महंगी बिजली देकर जनता से धोखा कर रही है।
भाजपा सरकार ने पिछली “400 यूनिट बिजली बिल हॉफ योजना” को भी बंद कर दिया, जिससे लाखों परिवार प्रभावित हुए हैं। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि छत्तीसगढ़ में कम से कम 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाए और वर्तमान दर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए।
आज के धरना प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के लोकसभा उपाध्यक्ष सद्दाम अंसारी, दिनेश देवांगन,चंद्रबली राजवाड़े, जिला उपाध्यक्ष संदीप यादव, राजेश जगते, छोटू दास, इब्राहिम अंसारी जिला मीडिया प्रभारी आशीष कुशवाहा, सुनील जायसवाल, संजय रजक, माया सिंह, प्रदीप साहू, सुरेश देवांगन, अरुण सिंह, सहित पार्टी के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।
जनता का उत्साह और समर्थन यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ की जनता अब अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी।



















