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शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनपुर में व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

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सूरजपुर। बाल दिवस (14 नवंबर) को ज्ञान और न्याय के समन्वय के रूप में मनाते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोनपुर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मूल उद्धेश्य युवा पीढ़ी को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना तथा न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी देना था। पूरा कार्यक्रम माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीमती विनीता वार्नर के सक्रिय मार्गदर्शन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल टोपनो ने विद्यार्थियों के समक्ष जटिल कानूनी प्रावधानों को अत्यंत सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। न्यायाधीश टोपनो ने अपने संबोधन में बताया कि भारत के प्रथम प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस को 14 नवम्बर के दिन बाल दिवस के रूप में बच्चों को समर्पित है, जिसका मुख्य ध्येय उनके अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास एवं शिक्षा के महत्व को उजागर करना है । न्यायाधीश टोपनो ने आज के डिजिटल युग की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए सूचना एवं प्रद्यौगिकी आई.टी. अधिनियम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होने सोशल मीडिया फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने जोर दिया।

उन्होने विद्यार्थियों को सिक्योरिटी फीचर्स ऑन करने तथा अनजान व्यक्यिों के साथ ऑनलाईन जुडने और तुरंत बातचीत करने से बचने की सलाह दी क्योकि यह साइबर खतरों का करण बन सकता है। आगे उन्होने विद्यार्थियों को उनके कानूनी ढांचे के महत्वपूणर्प स्तंभ से परिचित कराया उन्हे भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों जैसे समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार और राष्ट्र के प्रति उनके मौलिक कर्तव्यों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त उन्होने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनिय, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह तथा शिक्षा और विभिन्न कैरियर विकल्पों पर भी एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिससे वे अपने भविष्य को सही दिशा दे सकें।

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