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उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का दो दिवसीय प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स हुए प्रशिक्षित

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सूरजपुर- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में उल्लास (ULLAS) एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका पूरा नाम समाज में सभी के लिए आजीवन अधिगम की समझ है। यह कार्यक्रम 07 दिसंबर 2025 एंव मार्च 2026 को आयोजित महापरीक्षा अभियान को सफल बनाने जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सूरजपुर में जिला स्तरीय दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण लाइवलीहुड कॉलेज पर्री में किया गया। उल्लास कार्यक्रम सूरजपुर कलेक्टर एव डीएलएमए के अध्यक्ष एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन , जिला पंचायत सीईओ एव डीएलएमए के उपाध्यक्ष विजेंद्र पाटले के के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी एव डीएलएमए के सचिव अजय कुमार मिश्रा के आदेशानुसार, जिला परियोजना अधिकारी डॉ मोहन साहू के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन नागरिकों के लिए है जिन्होंने स्कूल जाने का अवसर गंवा दिया है और इसका उद्देश्य उन्हें बुनियादी साक्षरता, अंक ज्ञान और महत्वपूर्ण जीवन कौशल प्रदान करना है। यह NEP 2020 की सिफारिशों के अनुरूप है और स्वयंसेवा के माध्यम से लागू किया जाता है। इस प्रशिक्षण में सूरजपुर जिले के समस्त विकास खंडों के 419 मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया गया जो अपने अपने संकुलों में जाकर स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे जो आबंटित उल्लास केंद्र के शिक्षार्थियों को साक्षर करने कक्षा का संचालन करेंगे।

सूरजपुर जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने प्रशिक्षण दौरान सभी मास्टर ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए कहा उल्लास कार्यक्रम असाक्षरों के लिए वरदान है। उल्लास कार्यक्रम भारत को ‘‘जन-जन साक्षर‘‘ बनाने की दिशा में काम करता है जिसमें डिजिटल और वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल सिखाए जाते हैं। यह कार्यक्रम NEP 2020 के समावेशी और समग्र शिक्षा के लक्ष्य के साथ संरेखित है जो जीवन भर सीखने पर जोर देता है साथ ही साथ यह एक जन-आंदोलन है जिसमें स्वयंसेवकों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है, जो शिक्षण को अधिक आकर्षक और सार्थक बनाता है। आगे कहा हम सब नेक कार्य में जुड़े है और इस कार्य को हमें पूरी निष्ठा के साथ पूर्ण करना है। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा मनोज कुमार साहू ,सहायक संचालक रविंद्र सिंह देव ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने सभी से आग्रह किया जिला परियोजना अधिकारी डॉ मोहन साहू ने बताया कि प्रशिक्षण आगामी महापरीक्षा अभियान को मद्देनजर रखते हुए उसकी तैयारी के लिए आयोजित की गई है जिसके लिए हम तैयार रहना है और 07 दिसंबर 2025 एव मार्च 2026 को होने वाली महापरीक्षा अभियान में शिक्षार्थियों को शत प्रतिशत उल्लास के मूल्यांकन केंद्र तक लाने में सहयोग करेंगे। उल्लास कार्यक्रम के पाँच मुख्य घटक हैं जिसमें बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान, जीवन कौशल (जैसे वित्तीय, डिजिटल, कानूनी), व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा (समतुल्यता कार्यक्रम) और सतत शिक्षा। इन घटकों का उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ-साथ उन्हें जीवन के विभिन्न पहलुओं में सक्षम बनाना है। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिनट टू मिनट समय सारिणी अनुसार जिला मास्टर ट्रेनर्स ने ब्लॉक के समस्त मास्टर ट्रेनर्स को उल्लास निर्देशिका और प्रवेशिका के पाठयोजना पर विस्तृत चर्चा करते हुए जमीनी स्तर में आने वाली चुनौतियों को दूर करने योजना तैयार किया गया और बोर्ड कक्षा दसवीं, बारहवीं के स्वयं सेवी शिक्षकों को 10 असाक्षरों को साक्षर करने उल्लास केंद्र के माध्यम से 200 घंटे की कक्षा का संचालन करने व उनको उत्तीर्ण करने पर उनके बोर्ड परीक्षा के परिणाम में 10 अंक बोनस के रूप में देने की जानकारी प्रदान की गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बीपीओ प्रतापपुर से राकेश मोहन मिश्रा, बीपीओ सूरजपुर से जयराम प्रसाद, बीपीओ रामानुजनगर से रवींद्रनाथ तिवारी, बीपीओ भैयाथन से दिनेश देवांगन, ओड़गी से महमूद ख़ान, नसीम अली अंसारी प्रभारी प्राचार्य, डॉ राकेश गौतम व्याख्याता, उल्लास जिला मास्टर ट्रेनर कृष्ण कुमार ध्रुव, सीमांचल त्रिपाठी, रविशंकर साहू, आदर्श कुशवाहा, मोनिका सिंह, ज्योत्सना वैष्णव, राकेश पांडेय, बद्रीनाथ साहू, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण से विनेश यादव, पुनीता रजवाड़े, लक्ष्मण वैष्णव, लीलावती पैंकरा, का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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