🔹 मामला क्या है
विकासखंड मुख्यालय भैयाथान, जिला सूरजपुर में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
🔹 ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग
जनपद पंचायत भैयाथान के सभापति राजू कुमार गुप्ता ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को लिखित ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
🔹 तकनीकी निगरानी पर उठे सवाल
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि छात्रावास निर्माण कार्य बिना एसडीओ/इंजीनियर की नियमित उपस्थिति के कराया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण का अभाव है।
🔹 मिट्टी से पाटाई, घटिया सामग्री के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि
निर्माण में रेत के स्थान पर मिट्टी से पाटाई की जा रही है
ईंट जोड़ाई में प्रयुक्त मसाला हाथ से झड़ रहा है
निर्माण में 40 मिमी गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार इसका उपयोग नहीं किया जाना चाहिए
इससे भवन की मजबूती पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
🔹 सूचना पटल तक नहीं लगाया गया
निर्माण स्थल पर परियोजना से संबंधित कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया, जिससे लागत, ठेकेदार, कार्य अवधि जैसी जानकारियां सार्वजनिक नहीं हो पा रही हो।
🔹 नदी किनारे निर्माण, छात्रों की सुरक्षा पर खतरा
छात्रावास का निर्माण रेण नदी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर किया जा रहा है। ज्ञापन में आशंका जताई गई है कि भविष्य में यदि बाउंड्री वॉल का निर्माण हुआ तो नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित होगी।
बरसात के मौसम में नदी का पानी छात्रावास परिसर तक पहुंचने की संभावना से छात्रों की सुरक्षा खतरे में बताई गई है।
🔹 जांच नहीं हुई तो करोड़ों का नुकसान संभव
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते तकनीकी और वित्तीय जांच नहीं कराई गई, तो यह भवन पूरा बनने से पहले ही जर्जर हो सकता है और करोड़ों रुपये की शासकीय राशि व्यर्थ चली जाएगी।
🔹 SDM से की गई ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि—
✔️ निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए
✔️ जांच पूर्ण होने तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए
✔️ दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो
✔️ भवन की सुरक्षा, गुणवत्ता एवं स्थल चयन की पुनः समीक्षा की जाए
🔹 SDM का बयान
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए कहा कि
“मामले की जानकारी संबंधित विभाग से रिपोर्ट मंगाकर ली जाएगी। फिर ऐसी कुछ स्थिति बनती है तो तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
🔹 जिले में मचा प्रशासनिक हलचल
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कब तक शुरू होती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

















