---Advertisement---

कलेक्टर ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता पर दिया विशेष जोर

Follow Us

जिले में डीएलसीसी और डीएलआरसी की तिमाही बैठक हुई सम्पन्न

सूरजपुर- जिले में विकासोन्मुख वित्तीय गतिविधियों को तेज़ गति देने और बैंकों तथा सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से डीएलसीसी/डीएलआरसी की तिमाही बैठक आज जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री एस.जयवर्धन द्वारा की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र सिंह पाटले ,आरबीआई एजीएम श्री सतेंद्र राठौर, डीडीएम श्री अनुपम तिवारी, एडीएम श्री आनंद प्रकाश मिंज विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत गत जिला स्तरीय बैठक की कार्यवृत्त से हुई जिस पर एलडीएम आनंद मिंज द्वारा प्रकाश डाला गया। जिसके पश्चात वित्तीय समावेशन और जिला स्तरीय विकास योजनाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जमा अग्रिम व ऋण जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना (एसीपी) वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति, स्वयं सहायता समूह को नगद ऋण सीमा की प्रगति, स्वयं सहायता समूह को प्रदाय मुद्रा ऋण की प्रगति, प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की प्रगति पर, पशुपालन और मत्स्यपालन हेतु क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति, व्यक्तिगत, समूह व बैंक लिनकेज प्रगति, अंत्योदय स्वरोजगार योजना (एसटी, एससी) की प्रगति, प्रधान मंत्री सूर्यघर योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना की प्रगति, प्रधान मंत्री जनधन योजना की प्रगति पर क्रमवार चर्चा की गई। इसके साथ ही डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात भी कही गई।

कलेक्टर ने बैठक में बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी प्रायोजित योजनाओं के सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें ताकि जिले के अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। कलेक्टर ने मुद्रा लोन को लेकर वृहद चर्चा की, उन्होंने स्पष्ट किया कि मुद्रा लोन को प्राथमिकता दे और स्व सहायता समूह व अन्य को उद्यम और स्वरोजगार से जोड़ें।

उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि जिले में कृषि, लघु उद्योग, स्व-सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं के लिए ऋण वितरण को प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तीय गतिविधियों में गति आये, इसे सभी केंद्र बिंदु पर रखे, बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका इसलिए और महत्वपूर्ण हो जाती है। बैठक के दौरान यह सुझाव भी दिया गया कि बैंक शाखाएं ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम बढ़ाएं, निष्क्रिय खातों को सक्रिय करने की दिशा में अभियान चलाएं और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देकर वित्तीय समावेशन को मजबूत करें।

Related News

सूरजपुर की ताजा खबरे

Leave a Comment