सूरजपुर- भारत सरकार, नीति आयोग द्वारा नामांकित आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत सूरजपुर जिले के एकमात्र आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर के सेंट्रल प्रभारी अधिकारी श्री मनीष मुखर्जी ने आज प्रतापपुर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ब्लॉक में संचालित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया तथा आमजन से संवाद कर ब्लॉक की प्रगति की जानकारी ली।
दौरे के दौरान श्री मुखर्जी ने कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन से मुलाकात कर आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर में संचालित विकास कार्यों एवं उनकी प्रगति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बच्चों एवं महिलाओं के कल्याणकारी कार्यक्रम, पेयजल तथा बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं सहित क्षेत्र के समग्र विकास पर चर्चा की गई।
प्रतापपुर भ्रमण के क्रम में सेंट्रल प्रभारी अधिकारी द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोनगरा, केरता शक्कर कारखाना एवं आंगनबाड़ी केंद्र गोटगवां का निरीक्षण किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं शक्कर कारखाने में उत्पादन एवं रोजगार की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की स्थिति एवं महिलाओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने आमजनो से भी संवाद कर ब्लॉक की प्रगति की जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (Aspirational Blocks Programme – ABP) का शुभारंभ 7 जनवरी 2023 को मुख्य सचिवों के द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के दूरस्थ एवं कम विकसित ब्लॉकों में शासन व्यवस्था को सुदृढ़ कर नागरिकों के जीवन स्तर एवं सेवा वितरण की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके तहत मौजूदा योजनाओं के अभिसरण, परिणामों के निर्धारण तथा निरंतर निगरानी के माध्यम से विकास की कमियों को दूर किया जाता है।
आकांक्षी ब्लॉक पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कार्यक्रम के अंतर्गत 219 जिलों के लिए केंद्रीय प्रभारी अधिकारियों (सीपीओएस) की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय एवं अभिसरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिलों को विकासात्मक हस्तक्षेपों के त्वरित क्रियान्वयन में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके नियमित भ्रमण से प्रगति की समीक्षा, बाधाओं की पहचान एवं जिला प्रशासन को समय पर सहयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।


















