---Advertisement---

आवक – जावक में ज्ञापन लेने से मना किया तो कार्यालय के दीवार में चिपका दिया

Follow Us
नगर पंचायत प्रेमनगर का है मामला
नाराज आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता और वार्डवासियों का फूटा गुस्सा

सूरजपुर – अपने कामों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला प्रेमनगर नगर पंचायत एक बार फिर से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल मामला सूरजपुर जिले के दूरस्थ प्रेमनगर नगर पंचायत का है। जहां आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और सभी 15 वार्डों के निवासी वार्ड स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सीएमओ के नाम एक ज्ञापन देना चाहते थे। सूत्रों ने बताया सीएमओ की अनुपस्थिति में कार्यालय के आवक – जावक के कर्मचारी को ज्ञापन देने पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर ज्ञापन लेने से मना कर दिया कि इस ज्ञापन को हम नहीं ले सकते।

सीएमओ का दबाव या फिर मनमानी ? 

आवक – जावक शाखा का नाम आते ही यह ध्यान आता है कि हम अपनी समस्याओं को लेकर आवेदन को बिना किसी रोक – टोक के जमा कर सकते हैं और अपना पावती प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन इसके विपरीत प्रेमनगर पंचायत में आवेदन को लेने से मना कर देना कहीं न कहीं जनमानस की सुविधाओं को ठेंगा दिखाने जैसा माना जा रहा है। आवेदन चाहे किसी का भी हो, प्रार्थी के समस्या अनुरूप विषय चाहे कुछ भी हो , उसे जमा लेना आवक जावक की प्राथमिकता होनी चाहिए। आवेदन पर विचार और समस्या का निराकरण के लिए तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार हैं। फ़िर आवेदन को जमा न लेना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। इसके लिए क्या कर्मचारियों पर सीएमओ का कोई दबाव है ? या फिर कर्मचारियों की मनमानी चल रही है।

प्रार्थी जाए तो जाए कहां ?

सवाल तो तब बड़ा हो जाता है जब सरकारी दफ्तरों में जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति में दूर दराज से आए प्रार्थी बैरंग वापस लौट जाए। वहीं जानकारों की माने तो शासकीय विभागों अधिकारी मौजूद हों या न हों हर प्रार्थी की की समस्या को सुनने या उसके आवेदन पर उचित मार्गदर्शन देने के लिए एक जानकार अधिकारी या कर्मचारी की अलग से व्यवस्था होनी चाहिए भले ही प्रार्थी की समस्या अनुरूप उसका निराकरण संबंधित अधिकारी करें। इसमें कोई दो राय नहीं कि आय दिन कार्यालयों में पहुंचने वाले प्रार्थी अधिकारियों के गैरमौजूदगी में निराश और हताश होकर वापस लौटते देखे जा सकते हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि प्रार्थी आखिर जाए तो जाए कहां ?

दीवार में चिपकाया गया आवेदन खोल रहा व्यवस्था की पोल

बीते मंगलवार को आप पार्टी के कार्यकर्ताओं और नगर पंचायत प्रेमनगर के वार्डवासियों द्वारा मूलभूत मांगों को लेकर लिखित ज्ञापन को नगर पंचायत के कार्यालय के द्वारा जमा न लेने पर उसे दीवार में चिपका देने की घटना ने एक बार फिर से नगर पंचायत की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दिया है l

इस मामले में जब नगर पंचायत सीएमओ से मोबाइल के माध्यम से जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि –

बयान : दीपक एक्का सीएमओ, नगर पंचायत प्रेमनगर

” मैं टीएल मीटिंग में जिला मुख्यालय गया हुआ था, इस मामले को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है”

Leave a Comment