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अव्यवस्था की भेंट चढ़ा बसदेई धान खरीदी केंद्र: बोरियों पर चढ़कर धान खा रहे मवेशी, प्रबंधक नदारद

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भाई-भतीजावाद का बोलबाला, प्रबंधक ने सगे भाई को सौंपी तौल की जिम्मेदारी, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

सूरजपुर- प्रदेश में एक ओर जहां कवर्धा जिले में करोड़ों रुपये के धान को चूहों और दीमकों द्वारा चट कर जाने का मामला गरमाया हुआ है, वहीं सूरजपुर जिले के बसदेई धान खरीदी केंद्र से लापरवाही की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ खरीदी केंद्र मवेशियों का चारागाह बन चुका है, जहां बेखौफ घूमती गायें धान की बोरियों पर चढ़कर खुलेआम धान खा रही हैं।

चूहों के बाद अब गाय की बारी, क्या यही है समिति की तैयारी?

​बसदेई केंद्र में छल्ली (स्टैक) लगाकर रखी गई धान की बोरियों की सुरक्षा में बड़ी चूक देखी गई है। बेखौफ घूमती गायें धान की बोरियों पर चढ़कर खुलेआम धान खा रही हैं। कवर्धा में हुए 7 करोड़ के धान घोटाले के बाद भी स्थानीय समिति प्रबंधक ने इससे कोई सबक नहीं लिया है, जिससे सरकारी संपत्ति का भारी नुकसान हो रहा है।

प्रबंधक नदारद, भाई संभाल रहा कमान

​सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसदेई समिति प्रबंधक अक्सर केंद्र से नदारद रहते हैं। उन्होंने नियम-कायदों को ताक पर रखकर धान की खरीदी, नाप-तौल और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां अपने सगे भाई को सौंप रखी हैं। यहाँ सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या प्रबंधक के भाई समिति में किसी आधिकारिक पद पर नियुक्त हैं? यदि नहीं, तो एक बाहरी व्यक्ति को सरकारी खरीदी और तौल जैसे संवेदनशील कार्यों की कमान कैसे सौंपी गई?

किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं

​समिति में भाई-भतीजावाद और प्रबंधकों की अनुपस्थिति के कारण दूर-दराज से आने वाले किसानों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव और जिम्मेदारों की मनमानी के कारण किसान अपनी बारी का इंतजार करने और अव्यवस्था झेलने को मजबूर हैं।

प्रशासन की जांच पर सवाल

​हालांकि इन दिनों जिले की समितियों में अधिकारियों द्वारा ताबड़तोड़ जांच की जा रही है, लेकिन बसदेई जैसे केंद्रों में चल रहे ‘पारिवारिक दखल’ और मवेशियों द्वारा धान की बर्बादी पर अब तक किसी की नजर नहीं पड़ना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अहम सवाल:

  • क्या प्रशासन बसदेई समिति प्रबंधक की इस घोर लापरवाही पर संज्ञान लेगा?
  • ​क्या बिना किसी आधिकारिक पद के खरीदी कार्य में हस्तक्षेप करने वाले प्रबंधक के रिश्तेदारों पर कार्रवाई होगी?
  • ​मवेशियों द्वारा किए गए धान के नुकसान की भरपाई आखिर कौन करेगा?

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