महाप्रबंधक ने नारियल पानी पिलाकर तुड़वाया देवेंद्र मिश्रा और उनकी पत्नी का अनशन, मजदूरों के हित की हुई जीत
सूरजपुर/बिश्रामपुर- एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत बंद पड़ी बलरामपुर खदान और न्यू कुम्दा 7/8 खदान को पुनः प्रारंभ करने की मांग को लेकर चल रहा कोयला मजदूर सभा (HMS) का कड़ा संघर्ष रंग लाया है। पिछले कई दिनों से जारी आमरण अनशन को प्रबंधन द्वारा खदानें चालू करने के ठोस आश्वासन के बाद 26 जनवरी को समाप्त कर दिया गया।
9 जनवरी से जारी था चरणबद्ध आंदोलन
खदानों को चालू करने की मांग को लेकर एचएमएस ने 9 जनवरी को जोरदार प्रदर्शन करते हुए महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपा था। मांगें पूरी न होने पर संगठन ने 16 से 23 जनवरी तक भूख हड़ताल और उसके बाद आमरण अनशन की चेतावनी दी थी। इसी कड़ी में एचएमएस महामंत्री देवेन्द्र मिश्रा अपनी धर्मपत्नी सुलेखा मिश्रा के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए थे। अनशन के दौरान मिश्रा ने दृढ़ता से कहा था कि “संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता” और मजदूरों के हित में यह लड़ाई जारी रहेगी।
प्रबंधन का आश्वासन: 3 माह में शुरू होगी प्रक्रिया
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ. संजय कुमार सिंह ने इस विषय को एसईसीएल हेडक्वार्टर की समन्वय समिति में प्रमुखता से रखा। प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की बिना किसी छंटनी के खदानों को पुनः चालू करने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए प्रबंधन द्वारा 3 माह का समय लिया गया है।
नारियल पानी पिलाकर समाप्त कराया अनशन
प्रबंधन के सकारात्मक रुख और आश्वासन के बाद, महाप्रबंधक डॉ. संजय कुमार सिंह ने स्वयं अनशन स्थल पर पहुँचकर देवेंद्र मिश्रा और सुलेखा मिश्रा को नारियल पानी पिलाया और अनशन को विधिवत समाप्त कराया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर प्रबंधन की ओर से हरेंद्र तिवारी (प्रबंधक मा. सं.), क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी अमरेन्द्र नारायण सिंह, उप प्रबंधक प्रदीप और सहायक प्रबंधक राजेन्द्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे। वहीं एचएमएस संगठन से कार्यवाहक अध्यक्ष परमजीत सिंह, शिवाकांत मिश्रा, प्रेमचंद सिंह, होमूदास, अरविंद सिंह और लखन लाल सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।


















