भारतीय ध्वज संहिता के उल्लंघन पर परियोजना अधिकारी ने जारी किया ‘कारण बताओ’ नोटिस, निगरानी तंत्र पर उठे सवाल?
सूरजपुर/भैयाथान- गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा आज 1 फरवरी 2026 तक भी नहीं उतारे जाने का मामला अब प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। विकासखंड भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र देवालापारा में तिरंगा झंडा लगातार लगभग छह दिनों तक नियमों के विपरीत फहराता रहा, जो कि भारतीय ध्वज संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
नियमों की अनदेखी, निगरानी तंत्र पर सवाल?
भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जाना चाहिए, जबकि रात में फहराने की स्थिति में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य होती है।
इसके बावजूद संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र में न झंडा समय पर उतारा गया न प्रकाश की व्यवस्था की गई और कई दिनों तक यह स्थिति बनी रही जिससे महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या निरीक्षण नहीं होते?
इस मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता? यदि निरीक्षण होते हैं, तो यह गंभीर अनियमितता अधिकारियों की नजर से कैसे बची रही?
परियोजना अधिकारी ने दी प्रतिक्रिया
मामले को लेकर परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग भैयाथान नितिन रंजन बेहरा ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। जांच उपरांत उचित कार्यवाही की जाएगी।
कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
परियोजना अधिकारी के इस बयान के बाद अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है दोषियों की पहचान होती है या नहीं और क्या भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं
सम्मान भावनाओं से नहीं, नियमों से
विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान केवल उत्सव तक सीमित नहीं, बल्कि नियमों के पालन से ही उसकी गरिमा बनी रहती है। शासकीय संस्थानों से इस मामले में अधिक सतर्कता और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है।


















