सूरजपुर/ बिश्रामपुर – कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा 4 लेबर कोड बिल (श्रम कानून) बनाया गया। विगत 25 नवंबर 2025 से लागू इस नए श्रम कानून के खिलाफ कई श्रमिक संगठनों ने अपनी नाराजगी जताई है।
बता दें कि इन चार लेबर कोडों के माध्यम से पुराने 29 श्रम कानूनों को समेकित किया गया है। जिसे आगामी 1 अप्रैल से पूरी तरह क्रियान्वित करने की योजना बनाई गई है।
गौरतलब है कि वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंध और व्यावसायिक सुरक्षा सहित कुल चार संहिता को कई श्रमिक संगठनों ने मजदूर विरोधी बताया है। इसके लिए इन सभी श्रम कानूनों में व्यापक संशोधन के लिए श्रमिक संगठनों द्वारा लगातार संघर्ष जारी है। इस बार संयुक्त मोर्चा हड़ताल के माध्यम से आर – पार के मूड में दिखाई दे रहा है।
इसी तारतम्य में बीते 2 फरवरी सोमवार को कोयलांचल बिश्रामपुर के एचएमएस कार्यालय में श्रमिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक आयोजित हुई। जिसमें एचएमएस, सीटू , एटक, इंटक यूनियन के प्रतिनिधि और सदस्यगण शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई। इसके लिए समस्त यूनियन के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने गेट मीटिंग करने पर अपनी सहमति जताई है। अब देखना यह है कि आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल से केन्द्र सरकार श्रम कानूनों में कोई बदलाव करती है या नहीं।
बैठक के दौरान रामाशीष पाल पंकज गर्ग, अजीत यादव, देवेन्द्र मिश्रा, अप्पा राव, सजल मित्रा, विनोद सिंह, राम इकबाल, प्रेम सिंह, संजय सिंह, रामनिवास यादव, रामलाल, बलभद्र सेन, परमजीत सिंह, सूर्यबली यादव, नरेन्द्र सिंह चौहान, अरविंद सिंह, विजय कुमार, रामेंद्र सिंह, विजय कुमार, रमाकांत, शैलेन्द्र सिंह, सुशील राय, रामचंद्र जायसवाल एवं फिरन लाल सहित अन्य सदस्यगण मौजूद रहे।


















