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देवीपुर में क्रशरों का आतंक: उड़ती डस्ट ने छीना मासूमों का भविष्य, ग्रामीण आक्रोशित, कलेक्टर से गुहार

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तीन विद्यालयों के अस्तित्व पर खतरा, बिना पीट-पास के हो रहा गिट्टी का अवैध परिवहन, जर्जर हुई सड़कें

सूरजपुर- जिला मुख्यालय सूरजपुर से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत देवीपुर इन दिनों अवैध गिट्टी क्रशरों के प्रदूषण और मनमानी से कराह रहा है। अपनी आस्था और कृषि के लिए पहचाने जाने वाले इस गांव में वर्तमान में संचालित लगभग 9 गिट्टी क्रशरों ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप सरपंच प्रमिला सिंह केराम एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

स्कूलों में घुस रही डस्ट, बच्चों का पढ़ना हुआ मुश्किल

सबसे चिंताजनक स्थिति देवीपुर के क्रशर मार्ग पर स्थित तीन शिक्षण संस्थानों की है:

प्रभावित स्कूल: एक बाउंड्री वॉल के भीतर संचालित 1 आंगनबाड़ी, 1 प्राथमिक शाला और 1 पूर्व माध्यमिक शाला पूरी तरह डस्ट की चपेट में हैं।

स्वास्थ्य पर खतरा: भारी वाहनों के आवागमन से उड़ती धूल सीधे क्लासरूम में प्रवेश कर रही है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हालत यह है कि स्कूलों को बंद करने की स्थिति निर्मित हो गई है।

अवैध परिवहन और राजस्व की हानि

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग की नाक के नीचे बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है:

बिना पीट-पास बिक्री: क्रशरों से बिना किसी वैध पीट-पास के गिट्टी बेची जा रही है।

सड़कें हुई जर्जर: रोजाना 100 से अधिक ट्रैक्टर और हाईवा के चलने से पंचायत द्वारा निर्मित सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और उन पर 6 इंच से ज्यादा डस्ट जमा हो गई है।

नियमों की अनदेखी: सूचना के बावजूद जिला खनिज अधिकारी द्वारा कोई जांच या कार्यवाही नहीं की जा रही है।

पर्यावरण और कृषि पर प्रहार

क्रशरों से रोजाना 2 से 4 टन डस्ट उत्पन्न हो रही है, जो हवा के माध्यम से 1 किलोमीटर के दायरे में फैल रही है। इससे पेड़ों के पत्तों और किसानों द्वारा उगाई गई सब्जियों पर धूल की मोटी परत जम गई है, जिससे फसलों का नुकसान हो रहा है। क्रशर संचालकों ने न तो धूल रोकने के लिए बाउंड्री वॉल बनाई है और न ही पानी के फुहारों की व्यवस्था की है।

ग्रामीणों ने दी चक्काजाम की चेतावनी

ग्राम पंचायत देवीपुर, जो पांचवीं अनुसूची और पेसा एक्ट (PESA Act) के अंतर्गत आता है, वहां ग्राम सभा के अधिकारों की सरेआम अवहेलना हो रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि 1 फरवरी 2026 से क्रशर खदानों को जाने वाले मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया गया है। यह अवरोध तब तक जारी रहेगा जब तक कि सड़कों की मरम्मत, डस्ट की सफाई और क्रशरों में पानी के फुहारों की विधिवत व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो जाती।

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