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सार्वजनिक कर्मा प्रतियोगिता में लोक संस्कृति का अनूठा संगम, सती कर्मा दल गंगौटी ने मारी बाजी, 17 दलों के बीच हुआ कड़ा मुकाबला

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विधायक प्रतिनिधि ठाकुर राजवाड़े ने कहा— “संस्कारों से नई पीढ़ी को जोड़ने का सशक्त माध्यम है कर्मा”

भैयाथान- जनपद पंचायत भैयाथान के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़सरा के पावन धरा पर लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और पारंपरिक आस्था का भव्य नजारा देखने को मिला। अवसर था ‘सार्वजनिक कर्मा प्रतियोगिता’ का, जहाँ सरगुजा अंचल की समृद्ध विरासत को सहेजने के लिए विभिन्न गांवों के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ ‘करम डार’ की पूजा-अर्चना कर किया गया।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर

सरगुजा अंचल की लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से सरस्वती करमा दल झेंझरीपारा के नेतृत्व तथा ग्राम वासियों के सहयोग से भव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने अपने संबोधन में लोक परंपराओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:

मिट्टी की पहचान- कर्मा केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी की खुशबू और पूर्वजों की अनमोल धरोहर है।

युवाओं को संदेश- आधुनिकता के इस दौर में ऐसे आयोजन युवाओं को नशे और अपराध जैसी बुराइयों से दूर रखकर सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

सामाजिक नींव- जब तक हमारी लोक संस्कृति गांवों में जीवित है, तब तक समाज की आत्मा सुरक्षित और मजबूत रहेगी।

इसी क्रम में जिला पंचायत सदस्य अखिलेश प्रताप सिंह ने कर्मा दलों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि लोकनृत्य और लोकगीत किसी भी समाज की आत्मा होती हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब-जब गांव में कर्मा जैसे आयोजन होते हैं, तो हमारी संस्कृति केवल मंच तक सीमित न रहकर सीधे लोगों के दिलों में जीवंत हो उठती है।

प्रतियोगिता का रोमांच और परिणाम

मैदान में उतरे कुल 17 कर्मा दलों ने पारंपरिक वेशभूषा में मांदर की थाप और गानों की लय पर ऐसी ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ दीं कि पूरा पंडाल तालियों की गूँज से भर उठा। निर्णायकों ने अनुशासन, वेशभूषा और नृत्य कला के आधार पर विजेताओं की घोषणा की। प्रथम पुरस्कार ₹10,000 सती कर्मा दल गंगौटी, द्वितीय पुरस्कार ₹6,000 लोक निरंजन कर्मा दल अर्जुनपुर, तृतीय पुरस्कार ₹4,000 जय मां महामाया कर्मा दल चैनपुर को ट्रॉफी और नगद राशि भेंट कर सम्मानित किया गया।

सम्मान और विदाई

विजेता टीमों को मुख्य अतिथि द्वारा ट्रॉफी और नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागी दलों को उनकी मेहनत के लिए सांत्वना राशि दी गई। आयोजक समिति ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें तिलक लगाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। अंत में सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।

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