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सरगुजा के पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत पर कार्यशाला

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शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहरपुर एवं शासकीय नवीन महाविद्यालय ओड़गी, महाविद्यालय के इतिहास के विद्यार्थियों की रही सहभागिता

सूरजपुर- शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहरपुर तथा शासकीय नवीन महाविद्यालय ओड़गी के इतिहास विषय के विद्यार्थी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। जिला पुरातत्व संघ संग्रहालय, प्रतापपुर रोड, सरगवां, अंबिकापुर में आयोजित पाँच दिवसीय कार्यशाला/संगोष्ठी में इन दोनों महाविद्यालयों के विद्यार्थी 17 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं।

“सरगुजा के पुरातात्विक तथा सांस्कृतिक परिदृश्य” विषय पर केंद्रित इस कार्यशाला का उद्देश्य सरगुजा क्षेत्र की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, ऐतिहासिक स्मारकों, मेगालिथिक परंपराओं, लोक एवं जनजाति संस्कृति तथा सांस्कृतिक परिदृश्य के विविध आयामों पर विद्यार्थियों में शैक्षणिक विमर्श एवं क्षमता संवर्धन करना है। यह आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं नवोदित अध्येताओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है।

चांदनी बिहरपुर महाविद्यालय से रामनिवास, प्रतिमा, शिवम तिवारी, आशुतोष बैस, करिश्मा, गायत्री, गीता एवं पूनम तथा महाविद्यालय ओड़गी से कविता पैकरा, रंजना नाविक एवं सुनीता सिंह इस कार्यशाला में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।

महाविद्यालय प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते ने इस कार्यशाला को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं बौद्धिक विकास की दिशा में एक सार्थक पहल बताते हुए सभी सहभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही दोनों महाविद्यालयों के इतिहास विभागाध्यक्ष क्रमशः डॉ. सुजीत कुमार भौमिक और सचिन मिंज ने भी विद्यार्थियों को इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने की प्रेरणा देते हुए उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
उल्लेखनीय है कि सरगुजा अंचल अपनी अनूठी आदिवासी संस्कृति, प्राचीन शैलचित्रों एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। ऐसे में इस कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी स्थानीय विरासत को गहराई से समझने और उस पर शोध की दिशा में प्रेरित होने का अवसर मिल रहा है।

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