मई 2026 से शुरू होगा पहला चरण, मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल से जुटाए जाएंगे आंकड़े, गलत जानकारी देने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
सूरजपुर- भारत की 16वीं जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन हेतु जिला/चार्ज अधिकारियों के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला पंचायत सभाकक्ष में किया गया। स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं जनगणना होगी, जिसे इस बार पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में संपन्न किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डिजिटल मॉड्यूल, डेटा संकलन की पद्धति तथा निगरानी व्यवस्था के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। बताया गया कि जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी।
मई 2026 से शुरू हो रहे पहले चरण में गृह सूचीकरण एवं आवास गणना (एचएलओ) के अंतर्गत प्रत्येक परिवार की आवास स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं, संपत्ति आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से मोबाइल ऐप, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी पोर्टल तथा स्व-गणना पोर्टल विकसित किए गए हैं।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (पीई) के अंतर्गत देश की जनसंख्या की गिनती की जाएगी, जो फरवरी 2027 से प्रारंभ होगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक एवं अन्य आवश्यक जानकारी संकलित की जाएगी।
जनगणना आंकड़ों के संग्रहण के लिए गणनाकर्ता अपने-अपने आंबटित क्षेत्रों में घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। साथ ही उत्तरदाताओं की सुविधा के लिए स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गणनाकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति किसी भी आधार पर जनगणना से वंचित न रहे। इस प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि जनगणना से संबंधित जानकारी में गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर विधि अनुसार दंड का प्रावधान है।
उल्लेखनीय है कि 24 अप्रैल 2026 तक जनगणना संबंधी सभी प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण रायपुर में आयोजित किया जाएगा। मास्टर ट्रेनर द्वारा फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, तथा फील्ड ट्रेनर तहसीलवार प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला प्रशासन ने जनगणना 2027 को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ दायित्वों के निर्वहन के निर्देश दिए हैं।


















