सूरजपुर बस स्टैंड पर धरना देकर केंद्र सरकार की श्रमिक नीतियों के खिलाफ जताया विरोध
सूरजपुर- भारतीय मजदूर संघ के देशव्यापी आह्वान पर आज सूरजपुर जिला मुख्यालय में श्रमिकों की समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। बस स्टैंड सूरजपुर में आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और रैली के माध्यम से संघ ने केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम के समापन पर जिला कलेक्टर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय श्रम मंत्री के नाम एक 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया।
अधिवेशन के प्रस्तावों पर आधारित आंदोलन
जिला मंत्री सालिक राम ने बताया कि हाल ही में पुरी ओडिशा में संपन्न हुए 21वें त्रिवार्षिक अखिल भारतीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में कोल क्षेत्र से 150, आंगनबाड़ी संघ से 112 और भवन निर्माण एवं कर्मकार संघ से 104 सदस्य शामिल हुए।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
पेंशन में वृद्धि- इपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रतिमाह की जाए।
नियमितीकरण- संविदा और स्कीम वर्करों को भारत के संविधान की मूल भावना के अनुसार स्थायी किया जाए।
वेतन सीमा में वृद्धि- ईपीएफ अंशदान के लिए वेतन सीमा 15,000 से बढ़ाकर 30,000 और एसईसी के लिए 21,000 से बढ़ाकर 42,000 की जाए।
बोनस पात्रता- बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत गणना की सीलिंग 7000 से बढ़ाकर 21,000 की जाए।
भर्ती पर रोक हटे- सरकारी नौकरियों में जनरल रिक्रूटमेंट पर लगी रोक को तुरंत हटाकर रोजगार की सुरक्षा दी जाए।
लेबर कोड पर समाधान- इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड 2020 में व्याप्त श्रमिकों की चिंताओं का तत्काल निराकरण हो।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
धरना सभा को मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय महामंत्री सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने संबोधित किया। अन्य वक्ताओं में मजरूल हक अंसारी, संजय सिंह, चंदा राजवाड़े, और जिला अध्यक्ष अमर सिंह शामिल रहे। मंच का सफल संचालन जिला मंत्री सालिक राम द्वारा किया गया।
निर्णायक लड़ाई की चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आगामी दिनों में आंदोलन को और भी उग्र रूप दिया जाएगा।


















