10 मार्च का अल्टीमेटम: मांगें पूरी न होने पर उग्र और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
सूरजपुर- जिला मुख्यालय गुरुवार और शुक्रवार को नारों और विरोध प्रदर्शनों से गूंज उठा, जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त संघ के आह्वान पर जिले भर की तीन हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपनी तीन सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर 26 व 27 फरवरी को न्यू हाईटेक बस स्टैंड में दो दिवसीय धरने पर बैठीं। आंदोलन के चलते जिले के सभी 2043 आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे, जिससे कार्य प्रभावित हुआ। आंदोलन के दूसरे दिन बड़ी संख्या में कार्यकर्ता-सहायिकाएं रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए संयुक्त जिला कार्यालय पहुंचीं और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
50 वर्षों से हो रहा शोषण, संघ का तीखा हमला
संघ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली कार्यकर्ताओं की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। संघ के अनुसार, सरकार ने देश में शिक्षा और स्वास्थ्य की नींव रखने वाली इन महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा या पेंशन जैसी कोई बुनियादी सुविधा सुनिश्चित नहीं की है।
ऑनलाइन कार्य और मानसिक प्रताड़ना का मुद्दा
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बताया कि सरकार द्वारा ऑनलाइन कार्य का दबाव तो बढ़ा दिया गया है, लेकिन इसके लिए न तो अच्छी गुणवत्ता के मोबाइल उपलब्ध कराए गए हैं और न ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नेटवर्क कवरेज है। पोषण ट्रैकर और सम्मान सुविधा जैसे ऐप्स पर काम करने की विवशता और विभागीय अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे अतिरिक्त कार्य के दबाव को कार्यकर्ताओं ने मानसिक प्रताड़ना करार दिया है।
संघ की प्रमुख 3 सूत्रीय मांगें
नियमितीकरण- कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को तत्काल शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।
सम्मानजनक मानदेय- जब तक नियमितीकरण न हो, तब तक अन्य राज्यों मध्य प्रदेश, हरियाणा की तर्ज पर सम्मानजनक न्यूनतम वेतन दिया जाए।
सामाजिक सुरक्षा- सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये की राशि और पेंशन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
संघ की जिलाध्यक्ष और महामंत्री माधुरी राय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 10 मार्च 2026 तक उनकी मांगों और समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो संघ चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं उपस्थित रहीं।



















