सूरजपुर- हमारे समाज में कई ऐसे उदाहरण हैं जिससे हमें पता चलता है कि यदि महिलाएं अवसर और सही मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ें तो वे अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।ऐसा ही एक उदाहरण हैं सूरजपुर जिले की निवासी दुलारी दीदी। सूरजपुर के ग्राम पंचायत लटोरी की निवासी दुलारी दीदी ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। कभी सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करने वाली दुलारी दीदी आज अपने छोटे से व्यवसाय के माध्यम से परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं।
दुलारी दीदी ने बिहान स्व-सहायता समूह से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर फल विक्रय का व्यवसाय प्रारंभ किया। जिससे आज दुलारी दीदी अपने फल व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे अपने परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यक जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। पहले जहां परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, वहीं अब उनकी स्थिति पहले से कहीं बेहतर हो गई है।
दुलारी दीदी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण और छोटे व्यवसाय के संचालन की जानकारी मिली, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली। समूह की मदद से उन्होंने साहस जुटाया और व्यवसाय शुरू किया। जिससे आज दुलारी दीदी गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।



















