विकसित भारत-जी राम जी : अब 100 नहीं, हर परिवार को मिलेगा 125 दिन का रोजगार
सूरजपुर- कलेक्टर एस. जयवर्धन ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विजेन्द्र सिंह पाटले, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा के0एम0 पाठक, जनपद सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी तथा टेक्निकल टीम के साथ जनपद पंचायत सूरजपुर के विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित विकास एवं मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान टीम ने ग्राम पंचायत करमपुर एवं गोविंदपुर में मनरेगा अंतर्गत संचालित कार्यों का अवलोकन किया। यहां मिट्टी बांध, अमृत सरोवर, गली प्लग, कंटूर ट्रेंच तथा नाला सफाई के कार्यों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के समन्वय से कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत करमपुर में निर्मित अमृत सरोवर तथा मिट्टी बांध के जल का उपयोग कर किसानों द्वारा लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में की गई गेहूं की खेती का भी अवलोकन किया और जल संरचनाओं के बेहतर उपयोग की सराहना की।
इसके अलावा हर्राटीकरा ग्राम पंचायत में संचालित खेलो इंडिया सेंटर का निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने खेल प्रशिक्षक को खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें राज्य स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कोरिया ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने इसे महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित कर शीघ्र आंगनबाड़ी संचालन शुरू करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम हर्राटीकरा में मनरेगा के विगत वर्षों में किए गए कार्यों का भी अवलोकन किया। यहां मनरेगा के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर योजना से संबंधित जानकारी की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। और साथ ही ’’विकसित भारत गारंटी फॉर आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना’’ के प्रारंभ होने के पूर्व तैयारी की जानकारी लेते हुए ’’विकसित भारत गारंटी फॉर आजीविका मिशन (ग्रामीण)’’ अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। ग्रामीणों को अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त 125 दिनों की रोजगार गारंटी, कार्य की मांग करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड की उपयोगिता, समय पर मजदूरी भुगतान, तथा पारदर्शिता एवं सामाजिक अंकेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों से अवगत कराया गया।
उल्लेखनीय है कि इस क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी नागरिक मनरेगा के कार्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकता है। ग्रामीण अपने मोबाइल से इन क्यूआर कोड को स्कैन कर मनरेगा अंतर्गत हुए कार्यों की स्वीकृति, पूर्णता, मजदूरी भुगतान, कार्यों पर हुए कुल व्यय जैसे समस्त जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते है। यह व्यवस्था मनरेगा कार्यों को नागरिकों के लिए पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

















