ब्रेकिंग प्रतापपुर:– हाथी की मौत के मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार, भेजा गया जेल
सूरजपुर/प्रतापपुर — वन परिक्षेत्र प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत करंजवार आमापारा गेहूं के खेत में करंट से एक और ‘गजराज’ का अंत, आरोपी गिरफ्तार
सरगुजा संभाग में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला प्रतापपुर वन परिक्षेत्र ग्राम पंचायत करंजवार (आमापारा) का है, जहाँ एक नर हाथी की संदिग्ध अवस्था में मौत ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे विभागीय जांच के बाद वन विभाग ने इस मामले में कामयाबी मिली और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गेहूं के खेत में बिछा था ‘मौत का तरंगित तार जिसमें हाथी की मौत हो गई शुरुआती जांच और साक्ष्यों के आधार पर विभाग ने रामलाल (52 वर्ष), पिता जगदीश, निवासी करंजवार को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि खेत की सुरक्षा के लिए अवैध रूप से लगाए गए बिजली के करंट की चपेट में आने से हाथी की जान गई। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएफओ की विस्तृत जांच के बाद हाथी की मौत का आधिकारिक पुष्टि हो गई
निगरानी का अभाव
सवाल हाथियों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में अवैध बिजली के तारों पर लगाम क्यों नहीं कसी जा रही?
आखिर क्यों देर से जागता प्रशासन घटना के बाद गिरफ्तारी तो होती है, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ‘प्रिवेंटिव’ कदम (निवारक उपाय) क्यों नहीं उठाए जाते।
अंतिम कार्यवाही और जेल दाखिला
वन विभाग की टीम ने आरोपी रामलाल गोंड के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।
निष्कर्ष
हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ते द्वंद के बीच, इस तरह की मौतें न केवल जैव विविधता के लिए खतरा हैं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का प्रमाण भी हैं। जब तक विभाग “सक्रिय सुरक्षा” की नीति नहीं अपनाएगा, तब तक ‘गजराज’ सुरक्षित नहीं रहेंगे।
जांच करने मौके पर उपस्थित रहे विभागीय अधिकारी कर्मचारी
संस्कृति बारले उप वनमंडलाधिकारी प्रतापपुर, उत्तम कुमार मिश्रा परिक्षेत्र अधिकारी प्रतापपुर, प्रेमकांत तिवारी उपवनक्षेत्रपाल , मानसिंह वनपाल, जीतन सिंह, नितेश कुमार गुप्ता, अनिल पैकरा, (B.F.O) विष्णु गिरी