सूरजपुर- उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार एवं रूसा 2.0 के तत्वावधान में आज शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर में अन्न फूड (मिलेट्स) फेस्टिवल का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा, अम्बिकापुर के कुलसचिव डॉ. एस.पी. त्रिपाठी रहे।
फेस्टिवल के अंतर्गत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मिलेट्स उत्पादों एवं मिलेट्स से निर्मित विविध खाद्य पदार्थों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई। मुख्य अतिथि डॉ. त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में बताया कि वे स्वयं अपने दैनिक जीवन में मिलेट्स का नियमित उपयोग करते हैं और आंध्रप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के किसानों से मिलकर इसके व्यापक प्रचार-प्रसार में सक्रिय रूप से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए मिलेट्स का उपयोग अत्यंत आवश्यक है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर अनेक बीमारियों से रक्षा करता है।
बीज वक्ता के रूप में शासकीय राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय के कृषि विभाग के डीन डॉ. एस.के. सिन्हा ने मिलेट्स की कृषि परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिलेट्स लगभग 7,000 वर्ष पुरानी कृषि परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। गेहूँ और चावल की तुलना में 70 प्रतिशत कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल सूखा, गर्मी और कम उपजाऊ मिट्टी में भी सफलतापूर्वक उगाई जा सकती है। इसकी खेती में रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं होती, साथ ही यह भूमि क्षरण को रोककर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है।
मुख्य वक्ताओं के रूप में शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय बैकुण्ठपुर की प्राचार्य डॉ. आर.एन. कच्छप एवं डॉ. महेश मिश्रा ने मिलेट्स को आधुनिक पोषण विज्ञान में सुपरफूड की श्रेणी में रखे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिलेट्स में गेहूँ और चावल की तुलना में दोगुने से अधिक प्रोटीन एवं तीन गुना फाइबर होता है।
इसके अतिरिक्त कार्बाेहाइड्रेट, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम, फास्फोरस, विटामिन एवं एंटीऑक्सीडेंट्स भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह ग्लूटेन मुक्त और प्रीबायोटिक गुणों से युक्त है, जो आंतों के स्वास्थ्य एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करता है। बाजरा, रागी, कंगनी, सामा, कोदो, कुटकी, ज्वार सहित 150 से अधिक प्रकार के अन्न इसी श्रेणी में आते हैं।
फेस्टिवल का विशेष आकर्षण रहा कोरिया मिलेट्स कैफे, जिसकी संचालक हिना, यासमीन एवं उनकी टीम ने रागी चीला, ज्वार चीला, मिलेट्स मंचूरियन, कोदो खीर, ज्वार गुलाब जामुन, रागी मिक्सचर, रागी-ज्वार-बाजरा कुकीज़ एवं लड्डू जैसे स्वादिष्ट व्यंजन प्रदर्शित किए और उनकी संपूर्ण निर्माण विधि से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कोरिया मिलेट्स कैफे की सराहना की है। समूह प्रमुख हिना ने जानकारी दी कि वर्ष 2023 में स्थापित इस कैफे ने अब तक लगभग 2 करोड़ रुपये का टर्नओवर और 62 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 31 महिलाओं का यह समूह मिलेट्स आधारित स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार करने में सक्रिय है।
इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा, जिला कोषालय अधिकारी तिवारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग घनश्याम सांडिल्य सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एच.एन. दुबे के नेतृत्व में कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रतिभा कश्यप, डॉ. अखिलेश द्विवेदी, डॉ. विकेश झा, टी.आर. राहंगडाले, डॉ. चंदन कुमार सहित समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन अखिलेश पाण्डेय ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. प्रतिभा कश्यप द्वारा किया गया।



















