सूरजपुर में हुई बैठक
सूरजपुर- अग्रवाल समाज में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी के चयन के उद्देश्य से प्रदेश स्तर पर श्री अग्रवाल सभा रायपुर द्वारा आगामी 4 व 5 अप्रैल को रायपुर स्थित अग्रोहा धाम में भव्य युवक युवती परिचय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में रविवार को शाम एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक सूरजपुर अग्रवाल सभा के आतिथ्य व अध्यक्ष अमृतलाल अग्रवाल के निवास में आयोजित की गई। जिसमें समाज के लोगों को सम्मेलन की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में रायपुर अग्रवाल सभा से आए परिचय सम्मेलन के प्रमुख रमेश अग्रवाल, प्रभारी विसम्भर अग्रवाल तथा सह प्रभारी पवन अग्रवाल ने सम्मेलन की रूपरेखा, पंजीयन प्रक्रिया और कार्यक्रम की विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अग्रवाल समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों को एक ‘ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां परिवार एक-दूसरे से परिचित होकर बेहतर वैवाहिक संबंधों की शुरुआत कर सकें।
इस अवसर पर सरगुजा संभागीय अग्रवाल सभा के अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में सम्मेलन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिचय सम्मेलन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। ऐसे आयोजनों से युवक-युवतियों और उनके परिवारों को एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलता है, जिससे अच्छे और स्थायी वैवाहिक संबंध स्थापित होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का बेहतर भविष्य और समय पर विवाह समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार के परिचय सम्मेलन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए सही जीवनसाथी खोजने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने सरगुजा संभाग की सभी अग्रवाल सभाओं से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र के विवाह योग्य युवक-युवतियों तथा उनके अभिभावकों को इस सम्मेलन में अवश्य लेकर आएं। इस दौरान बैठक में अग्रवाल सभा, अग्रसेन समिति, मारवाड़ी युवा मंच, अग्रवाल सम्मेलन, अग्रवाल संगठन, बायोडाटा समिति सहित भैयाथान अग्रवाल सभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
परिवारों के बीच बनते हैं नए रिश्ते
अग्रवाल सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समाज के लोग अपने रिश्तेदारों, परिचितों और मित्रों को भी इस सम्मेलन की जानकारी देकर शामिल होने के लिए प्रेरित करें, तो अधिक से अधिक योग्य युवक-युवतियों का परिचय संभव होगा और कई परिवारों के बीच नए रिश्ते स्थापित हो सकेंगे। ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों से समाज में आपसी मेल-मिलाप बढ़ता है और सहयोग की भावना मजबूत होती है।


















