सूरजपुर- अग्रणी महाविद्यालय सूरजपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा प्राचार्य के निर्देशन में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन उत्साह और सामाजिक जागरूकता के माहौल में सम्पन्न हुआ। “नशा मुक्त समाज के लिए युवा” थीम पर आधारित इस शिविर में स्वयंसेवकों ने पूरे समर्पण के साथ भाग लेते हुए समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का कार्य किया।
समापन समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम अधिकारी द्वारा सात दिवसीय शिविर की गतिविधियों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन में बताया गया कि शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया और गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी।
शिविर के अंतर्गत नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “युवा जागे, देश आगे” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया।स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। ग्रामवासियों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी गई।
समापन समारोह में कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य श्री बृजलाल साहू ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी है। उन्होंने कहा कि “नशा मुक्त समाज” का सपना तभी साकार होगा, जब युवा वर्ग स्वयं जागरूक होकर इस दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत नशा मुक्ति विषय पर आधारित गीत, नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।समापन समारोह में ग्राम लांची के सरपंच ,महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. रश्मि पाण्डेय, डॉ. चंदन कुमार, श्री संदीप सोनी,श्री रोहित सेठ,डॉ. सलीम किस्पोट्टा, संकुल प्रभारी श्री सहदेव रवि,विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष मरकाम एवं भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी द्वारा आभार व्यक्त किया गया । यह शिविर स्वयंसेवकों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने की नई दिशा प्रदान की।



















