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गंगौटी के देवधाम में गूंजे माता के जसगीत, सुरों की महाजंग में तुलसी बाबा मानस परिवार एमसीबी रहा प्रथम

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कड़े मुकाबले में 86 अंक पाकर जीता शीर्ष स्थान, प्रगति और अंजनी पुत्र जसगीत दल संयुक्त रूप से रहे उपविजेता

सूरजपुर/भैयाथान- चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत गंगौटी के ऐतिहासिक बड़ा तालाब देवालय परिसर में आयोजित भव्य जसगीत गायन-वादन प्रतियोगिता ने भक्ति और कला के संगम का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। माँ कुदरगढ़ी देवी की असीम अनुकम्पा से आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य मातृ शक्ति की आराधना के साथ-साथ ग्रामीण संस्कृति को सहेजना और प्रोत्साहित करना था।

विभिन्न जिलों और अंचलों से आए जसगीत दलों ने अपनी कर्णप्रिय प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को देवीमय बना दिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने सुर, ताल एवं जसगीत के कड़े मानदंडों जैसे— पोशाक, अनुशासन, भावार्थ और भाषा की शुद्धता पर अपनी उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।

कांटे की टक्कर~सुरों के संगम में खिलाड़ियों ने दिखाया जौहर

प्रतियोगिता के परिणामों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कड़े मुकाबले के बीच तुलसी बाबा जसगीत मानस परिवार एमसीबी ने सर्वाधिक 86 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान और 10,000/- का नकद पुरस्कार अपने नाम किया। वहीं, प्रगति जसगीत मानस परिवार रनई और अंजनी पुत्र जसगीत मानस परिवार ढोढ़ीबहरा ने एक समान 82 अंक अर्जित कर संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बजरंग जसगीत मानस परिवार तेजपुर 80 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा। चौथे स्थान पर दीपमाला खड़गवां व महामाया झिलमिली तथा पांचवें स्थान पर लवकुश लेडुआ की टीम रही।

गरिमामयी उपस्थिति~जनप्रतिनिधियों ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह

पुरस्कार वितरण समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी भव्य बनाया। इस दौरान आयोजन समिति के अध्यक्ष तेज नारायण सिंह ने कहा- यह कार्यक्रम हमारी ग्रामीण संस्कृति की अमूल्य धरोहर को सहेजने का एक छोटा सा प्रयास है।

समारोह में मुख्य रूप से देवकरण देवांगन उपसरपंच प्रतिनिधि, राजसिंह सरपंच, राजू गुप्ता जनपद सदस्य, ईश्वर सिंह शिक्षक, और ललित राजवाड़े भाजपा पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष सहित कई गणमान्य नागरिक मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन बीरेंद्र साहू, रामलाल राजवाड़े, रामबहल सिंह, सुरेश सिंह, शिवकुमार रजक, महंत देवांगन और विमलेश राजवाड़े की देखरेख में संपन्न हुआ।

सामूहिक प्रयास- एकता और संस्कृति के संरक्षण का संदेश

आयोजन समिति ने कार्यक्रम की अभूतपूर्व सफलता के लिए निर्णायक मंडल, स्थानीय बैगाजन, पंचायत प्रतिनिधियों, ऊर्जावान युवा साथियों और समस्त ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस जसगीत प्रतियोगिता ने न केवल स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच प्रदान किया, बल्कि समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव भी कराया।

निष्कर्ष- यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी जड़ों और लोक कला से जुड़े रहने का एक प्रेरणा स्रोत साबित हुआ है। देर रात तक चली इस प्रतियोगिता में हजारों की संख्या में श्रद्धालु डटे रहे।

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