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सामाजिक एकजुटता की मिसाल, कोईरी कुशवाहा समाज की वार्षिक आम सभा में लिए गए अहम फैसले

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कुदरगढ़ में सामाजिक भवन निर्माण से लेकर सामाजिक सुधार तक बना विकास का खाका

सूरजपुर- कोईरी कुशवाहा समाज ने एक बार फिर अपनी मजबूत एकजुटता और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए वार्षिक आम सभा का सफल आयोजन किया। यह बैठक 16 मार्च 2026 को विकासखण्ड भैयाथान के ग्राम बंजा में आयोजित की गई, जो दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चली। बैठक में जिलेभर से समाज के पदाधिकारी, क्षेत्रीय प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सदस्य शामिल हुए।

बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सनलीत कुशवाहा ने की, जबकि संचालन कार्यकारिणी सदस्यों ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज से जुड़े लंबित मामलों पर चर्चा, संगठन को मजबूत करना और भविष्य की योजनाओं को अंतिम रूप देना रहा। सभा की शुरुआत सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ की गई, जिसके बाद एजेंडा के अनुसार बिंदुवार चर्चा शुरू हुई।

बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष के कार्यकाल के वित्तीय लेखा-जोखा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जानकारी दी गई कि अनुपस्थिति के कारण वित्तीय विवरण प्रस्तुत नहीं हो सका। इस पर उपस्थित सदस्यों ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए आगामी बैठक में पूरा लेखा प्रस्तुत करने की बात कही।

बैठक में पूर्व परिक्षेत्र अधिकारियों और अन्य पदाधिकारियों से प्रभार हस्तांतरण को लेकर भी चर्चा की गई। कई स्थानों पर अभी तक प्रभार हस्तांतरण लंबित पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसे संगठनात्मक अनुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

बैठक में समाज को मजबूत आधार देने के लिए जिला कार्यालय भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई। आर्थिक सहयोग और श्रमदान के माध्यम से भवन निर्माण करने का संकल्प लिया गया। इसके साथ ही कुदरगढ़ धाम में सामाजिक भवन निर्माण का भी निर्णय लिया गया।

जानकारी दी गई कि 19 मार्च 2026 को भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। यह भवन धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।

बैठक में तिलक और फलदान जैसी परंपराओं में हो रहे अनावश्यक खर्च को रोकने के लिए फलदान कार्यक्रम पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा विवाह समारोह में बारात के समय को लेकर भी निर्णय लिया गया कि बारात को रात 11 बजे तक द्वारपूजा में पहुंचना अनिवार्य होगा। इस फैसले को समाज में सादगी और अनुशासन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बैठक में संभाग स्तर से प्राप्त पत्राचार और विभिन्न आवेदनों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कुछ मामलों को न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण नस्तीबद्ध किया गया, जबकि कुछ मामलों को संबंधित परिक्षेत्र अधिकारियों को सौंपा गया। भैयाथान परिक्षेत्र की ओर से 6 हजार रुपये सहयोग राशि मिलने की जानकारी भी दी गई, जिसे सामाजिक कार्यों में उपयोग किया जाएगा।

बैठक के अंत में सभी बिंदुओं को विस्तार से पढ़कर सुनाया गया, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से सहमति दी। क्रमांक 1 से 8 तक सभी प्रस्ताव पारित किए गए और समाज के विकास के लिए ठोस दिशा तय की गई।

कार्यक्रम के समापन पर जिला कार्यकारिणी ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया और समाज से जुड़े लोगों से एकजुट होकर सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। यह वार्षिक आम सभा न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि सामाजिक सुधार, पारदर्शिता और विकास के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती नजर आई।

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