वॉलीबॉल में गजाधरपुर और कबड्डी में पचीरा ने मारी बाजी
सूरजपुर- कुदरगढ़ महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय खेल महाकुंभ का आज भव्य समापन हो गया। कलेक्टर एस. जयवर्धन के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और मां बागेश्वरी धाम ट्रस्ट कुदरगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में अखिल भारतीय कुश्ती, जिला स्तरीय वॉलीबॉल एवं कबड्डी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन संपन्न हुआ।
कुदरगढ़ में पहली बार अखिल भारतीय कुश्ती, उमड़ा पूरा जिला खेलकूद प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी मोहम्मद गौस बेग ने बताया कि कुदरगढ़ में पहली बार आयोजित अखिल भारतीय कुश्ती प्रतियोगिता ने अभूतपूर्व उत्साह जगाया। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब और दिल्ली के नामचीन पहलवानों ने अपने दमखम और कौशल का ऐसा प्रदर्शन किया कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। पुरुष वर्ग का खिताब उत्तर प्रदेश के श्रीराम पहलवान ने जीता, जबकि महिला वर्ग में उत्तर प्रदेश की ही कलशपाल ने विजेता का ताज पहना।
वॉलीबॉल- गजाधरपुर ने 2-0 से दर्ज की जीत
जिला स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में इस बार रिकॉर्ड 22 टीमों ने भाग लिया। फाइनल में गजाधरपुर ने गोंदा को लगातार दो सेटों में 2-0 से हराकर विजेता का गौरव प्राप्त किया। गोंदा उपविजेता और सूरजपुर तृतीय स्थान पर रहा। व्यक्तिगत पुरस्कारों में बेस्ट अटैकर नेगी (गजाधरपुर), बेस्ट ब्लॉकर चमन (सूरजपुर) और मैन ऑफ द टूर्नामेंट हिमांशु रजक (गोंदा) रहे।
कबड्डी- पचीरा ने लगातार दूसरे साल जीता खिताब
19 टीमों के बीच तीन दिन चले कड़े मुकाबले में पचीरा टीम ने गत वर्ष के अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। फाइनल में पचीरा ने गंगौटी को 25-14 से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। नरेशपुर तृतीय स्थान पर रहा। बेस्ट डिफेंडर प्रदीप राजवाड़े (पचीरा), बेस्ट रेडर सत्या (गंगोटी) और मैन ऑफ द टूर्नामेंट अमन किंडो (पचीरा) को विशेष पुरस्कार से नवाजा गया।
पुरस्कार वितरण एवं मलखंब प्रदर्शन
पुरस्कार वितरण समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मां बागेश्वरी धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा और मेला अध्यक्ष भुवन प्रताप सिंह ने विजेताओं को ट्रॉफी एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।
पुरस्कार वितरण के पश्चात पामगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब का अद्भुत शौर्य प्रदर्शन किया गया, उन्हें भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मंच संचालन सीमांचल त्रिपाठी एवं अतुल चौबे ने किया। प्रतियोगिता के निष्पक्ष संचालन में संजय त्रिपाठी, रामजीत यादव, सहदेव राम रवि, राम सुभाष राजवाड़े, धर्मपाल रजक सहित अनेक अधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



















