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वंदे मातरम् के 150 वर्ष: सूरजपुर में राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन, जुटे देशभर के विद्वान

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इतिहास, साहित्य और राजनीति के संगम पर हुआ गहरा मंथन, शासकीय कन्या महाविद्यालय एवं भैयाथान कॉलेज का संयुक्त प्रयास

सूरजपुर- शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर एवं पंडित रविशंकर त्रिपाठी शासकीय महाविद्यालय भैयाथान के संयुक्त तत्वावधान में तथा उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रायोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शीर्षक “वन्दे मातरम् 150 वर्ष : इतिहास, साहित्य, संगीत एवं राजनीति का संगम” का सफल आयोजन मंगल भवन सूरजपुर में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना एवं राष्ट्रगीत वंदेमातरम् से हुई। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं नें स्वागत गीत तथा नृत्य के माध्यम से सभी अतिथियों का अभिनन्दन किया।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में सम्मानित अतिथि के रूप में डॉ. गोवर्धन यदु, संचालक, छ.ग. राज्य हिंदी ग्रन्थ अकादमी एवं सहायक संचालक, उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, प्रो. अनिल कुमार सिन्हा, प्राचार्य, राजीव गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर एवं प्रो. एच. एन. दुबे, प्राचार्य, शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्राचार्य बृजलाल साहू ने अपने उद्बोधन के माध्यम से सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। तत्पश्चात इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के समन्वयक संदीप कुमार सोनी ने इस संगोष्ठी के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में विभिन्न विद्वानों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध सरांश प्रस्तुत किये जिसका विमोचन सम्मानित अतिथियों के द्वारा स्मारिका के रूप में किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्टी में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सचिन कुमार मंदिलवार, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक-इतिहास, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार एवं आमंत्रित वक्ता के रूप में डॉ. रामकिंकर पाण्डेय, प्राचार्य, शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ एवं डॉ. अजय पाल सिंह, सहायक प्राध्यापक-इतिहास, राजीव गाँधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर ने अपने व्याख्यान के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को “वन्दे मातरम् 150 वर्ष : इतिहास, साहित्य, संगीत एवं राजनीति का संगम” के विभिन्न आयामों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में दिग्विजय सिंह, सहायक प्राध्यापक ने संगोष्ठी की सफलता हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में मंच संचालन डॉ. धनञ्जय पाण्डेय, सहायक प्राध्यापक एवं हूमी सिंह, अतिथि व्य्याख्यता के द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न महाविद्यालयों से आये प्राध्यापक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं एवं सम्मानित अतिथि गण की उपस्थिति रही।

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