---Advertisement---

बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह की पोषण आहार यूनिट से 313 आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों एवं माताओं को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण पोषण

Follow Us
Spread the love

दर्रीपारा में 90 लाख रुपये की लागत से स्थापित हुई आधुनिक उत्पादन यूनिट, तैयार होंगे मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया

महिला सशक्तिकरण एवं पोषण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम — लगभग 30 मीट्रिक टन पोषण आहार का होगा उत्पादन

सूरजपुर- जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रामानुजनगर अंतर्गत पोषण आहार व्यवस्था को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम दर्रीपारा स्थित बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 90 लाख रुपये की लागत से एक आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट की स्थापना की गई है। इस यूनिट के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया का स्थानीय स्तर पर निर्माण किया जाएगा, जिससे जिले में पोषण आहार की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

यह पहल एक ओर जहाँ नौनिहालों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी, वहीं दूसरी ओर यह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता का एक अनूठा मॉडल प्रस्तुत करेगी। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ अब स्वयं उत्पादक की भूमिका में आकर शासन की पोषण आहार व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं।

बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित इस उत्पादन यूनिट से परियोजना रामानुजनगर के कुल 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। यूनिट में लगभग 30 मीट्रिक टन मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों को नियमित रूप से आपूर्ति की जाएगी। इस व्यवस्था से आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को पोषक तत्वों से भरपूर गुणवत्तापूर्ण आहार समय पर उपलब्ध हो सकेगा, जिससे कुपोषण की चुनौती से निपटने में ठोस सहायता मिलेगी।

मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया जैसे उत्पाद बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा माताओं के स्वास्थ्य हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ये उत्पाद आवश्यक प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज तत्वों से समृद्ध होते हैं, जो बाल्यावस्था में होने वाले सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। स्थानीय स्तर पर इन उत्पादों के निर्माण से जहाँ आपूर्ति श्रृंखला छोटी एवं प्रभावी होगी, वहीं ताजा एवं स्वच्छ पोषण आहार समय पर हितग्राहियों तक पहुँच सकेगा।

इस पहल से जहाँ एक ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त होगा। यूनिट के संचालन से समूह की महिलाओं को नियमित आय का एक स्थायी स्रोत मिलेगा, साथ ही उन्हें उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं वितरण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास का अवसर भी प्राप्त होगा।

यह उत्पादन यूनिट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा एवं स्थानीय उद्यमिता के त्रिवेणी संगम का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आगामी समय में जिले की अन्य परियोजनाओं हेतु भी एक प्रेरणास्रोत एवं अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगी। जिला प्रशासन द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों के इस प्रकार के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, ताकि “आत्मनिर्भर ग्राम — सशक्त महिला” की परिकल्पना को साकार किया जा सके।

Related News

सूरजपुर की ताजा खबरे

Leave a Comment