– 09 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को लेकर अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न
सूरजपुर- आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार, वर्षों से लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन चरण के प्रकरणों में अधिक से अधिक निष्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला न्यायालय सूरजपुर में समस्त अधिवक्तागण के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विनीता वार्नर, अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सूरजपुर ने की।
बैठक में मानवेन्द्र सिंह, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर, आनंद प्रकाश वारियाल, एफटीएससी न्यायाधीश सूरजपुर, पायल टोपनो, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर, बलराम शर्मा, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सूरजपुर, वरिष्ठ अधिवक्ता आर. पी. बाजपेयी, वरिष्ठ अधिवक्ता ए.के. गोयल सहित समस्त अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण – श्रीमती वार्नर
बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर ने कहा कि 09 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने सुलहनीय वादों में से कम से कम एक-एक वाद का निष्पादन अवश्य कराएं, जिससे पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिल सके।
बैठक में राजीनामा योग्य प्रकरणों के चिन्हांकन, पक्षकारों के मध्य आपसी समझौते के आधार पर प्रकरणों के निराकरण में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के निपटारे तथा बीमा कम्पनी की ओर से उपस्थित अधिवक्ताओं के सहयोग के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अधिवक्तागण ने न्यायाधीश महोदया के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं रखीं तथा 09 मई 2026 की नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
इन प्रकरणों का होगा निराकरण
आगामी 09 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपसी विवाद के मामले, व्यवहार वाद, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, पारिवारिक विवाद, जिला न्यायालय में वर्षों से लंबित राजस्व प्रकरण तथा बैंक ऋण, विद्युत एवं जल के बकाया देयकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन प्रकरण रखे जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे 09 मई 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने लंबित प्रकरणों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निराकरण करवाकर लोक अदालत का लाभ उठाए।



















