तस्करी रोकने और गोचर भूमि बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को सौंपा गया मांग पत्र।
सूरजपुर/रामानुजनगर- गौ सम्मान आवाह्न अभियान के प्रधान संरक्षक गौमाता (आद्यशक्ति माँ सुरभी) और अध्यक्ष नंदी बाबा (नीलमणि वृषभदेव) के अध्यक्षता में गौ संरक्षण एवं गोवंश के सम्मान को लेकर चलाए जा रहे “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के अंतर्गत रामानुजनगर में खंड स्तरीय आवेदन माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम प्रस्तुत किया गया। यह आवेदन केंद्र सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के उद्देश्य से तहसील स्तर के माध्यम से प्रेषित किया गया।
आवेदन में देशभर के गोभक्तों, संत समाज एवं नागरिकों की ओर से गोवंश की सुरक्षा, संवर्धन एवं सम्मान हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। इसमें केंद्र स्तर पर सशक्त कानून बनाने, गोपालन मंत्रालय की स्थापना करने तथा गोवंश को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष संरक्षण प्रदान करने की आवश्यकता बताई गई है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान समय में गोवंश की स्थिति चिंताजनक है, जहां तस्करी, दुर्घटनाएं एवं संरक्षण की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में गोवंश की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी प्रावधान एवं प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है। इसके साथ ही आवेदन में गो आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, गोबर एवं गोमूत्र के उपयोग से प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर गौशाला/गो आश्रय केंद्र स्थापित करने तथा सड़कों पर घायल गोवंश के उपचार के लिए विशेष चिकित्सा व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी “गो विज्ञान” को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा सामाजिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ी गोवंश के महत्व को समझ सके। आवेदन के माध्यम से शासन से यह भी आग्रह किया गया है कि गोचर भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा चारा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए। खंड स्तर पर सौंपे गए इस आवेदन के माध्यम से क्षेत्र के लोगों ने एक स्वर में गोवंश संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता में शामिल करने की मांग की है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने अभियान का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई और शासन से शीघ्र सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।



















