सूरजपुर- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सूरजपुर में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ माननीय न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा वर्चुअल मोड पर किया गया।
इसके पश्चात न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण की उपस्थिति में वरिष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष एवं सदस्यों के हाथों दीप प्रज्वलन कराकर इस न्याय पर्व की शुरुआत की गई। इस अवसर पर सभी न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारीगण के साथ-साथ बैंक, नगरपालिका तथा विद्युत विभाग जैसे विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
यह नेशनल लोक अदालत केवल जिला एवं सत्र न्यायालय तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें कुटुम्ब न्यायालय, तालुका न्यायालय प्रतापपुर, बाल न्यायालय और जिले के सभी राजस्व न्यायालयों को भी शामिल किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य न्याय की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाते हुए प्री-लिटिगेशन एवं वर्षों से लंबित मामलों को आपसी सहमति से सुलझाना था।
मोटर दुर्घटना दावों में मिला बड़ा मुआवजा
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली। प्रधान जिला न्यायाधीश के न्यायालय में वर्षों से लंबित एक मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, जिसमें पति की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, खण्डपीठ क्रमांक 1 के समक्ष सूचीबद्ध किया गया। काफी समझाइश के बाद यह प्रकरण 17 लाख 50 हजार रुपये में समझौता कर समाप्त किया गया।
खण्डपीठ क्रमांक 3 आनंद प्रकाश वारियाल, फास्ट ट्रैक कोर्ट सूरजपुर के समक्ष मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में समझौता कर पत्नी को 21 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 4 सुमित कुमार हर्ष्यान, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में 6 लाख 70 हजार रुपये में समझौता हुआ। वहीं खण्डपीठ क्रमांक 6 डायमण्ड कुमार गिलहरे, तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में दो मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का सफलतापूर्वक समझौता कराया गया, जिनमें 11 लाख एवं 13 लाख 50 हजार रुपये में निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त सभी खण्डपीठों द्वारा सैकड़ों समझौता योग्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।
बालेश्वर सिंह को मिली मोटराइज्ड ट्राय साइकिल, चेहरे पर लौटी मुस्कान
समाज कल्याण विभाग सूरजपुर के सहयोग से ग्राम मसिरा निवासी बालेश्वर सिंह को माननीय न्यायाधीशों के हाथों मोटराइज्ड ट्राय साइकिल प्रदान की गई। बालेश्वर सिंह कुछ वर्ष पूर्व पेड़ से गिर गए थे, जिसके कारण उनकी कमर से नीचे का हिस्सा काम नहीं करता और वे स्वयं चलने में असमर्थ थे। आज राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर चलने का सहारा पाकर उनके चेहरे पर खुशी की चमक देखने को मिली। उन्होंने न्यायाधीशों एवं समाज कल्याण विभाग को बड़ी खुशी के साथ धन्यवाद दिया।
33 खण्डपीठों का गठन, विभिन्न प्रकार के प्रकरणों की सुनवाई
आम जनता एवं पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में मामलों के निराकरण हेतु जिले में कुल 33 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इन खण्डपीठों में सिविल वाद, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, वर्षों से लंबित राजीनामा योग्य आपराधिक एवं राजस्व मामले तथा बैंक संबंधित लेन-देन, बिजली, टेलीफोन सेवा एवं जल के बकाया बिलों से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों की सुनवाई हुई। खण्डपीठों ने मामलों को गहनता से समझा और दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण समाधान निकालते हुए हजारों प्रकरणों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया।
इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष विनीता वार्नर को जाता है, जिनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन सम्पन्न हुआ।
5 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित, 83580 पक्षकार लाभान्वित
वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में समस्त न्यायालयों से 2587 लंबित प्रकरण एवं 92592 प्री-लिटिगेशन प्रकरण विचारार्थ रखे गए थे। इनमें से कुल 83580 प्रकरणों का पक्षकारों के बीच आपसी समझौते के आधार पर सफलतापूर्वक निराकरण कर जिला सूरजपुर द्वारा कुल 5,09,33,428 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत में कुल 83580 प्रकरणों से संबंधित पक्षकारगण लाभान्वित हुए।



















