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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल टोपनो द्वारा वृद्धाश्रम एवं सखी वन स्टॉप सेन्टर का औचक निरीक्षण

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नालसा एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जमीनी स्तर पर विधिक सहायता की उपलब्धता का लिया गया जायजा

‘‘किसी भी पीड़ित को न्याय एवं सहायता मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए‘‘ – सचिव पायल टोपनो

सूरजपुर- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर की सचिव एवं वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश पायल टोपनो द्वारा आज जिले के प्रमुख सामाजिक एवं कल्याणकारी केन्द्रों – स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम तिलसिवां तथा सखी वन स्टॉप सेन्टर सूरजपुर का औचक निरीक्षण किया गया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर विधिक सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा इन संस्थाओं में निवासरत नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था।

स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम तिलसिवां का विस्तृत निरीक्षण – वृद्धजनों से आत्मीय संवाद:-

निरीक्षण के क्रम में सचिव पायल टोपनो सर्वप्रथम तिलसिवां स्थित स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम पहुँचीं, जहाँ उन्होंने औपचारिकताओं से परे हटकर आश्रम में निवासरत बुजुर्गों के साथ बैठकर आत्मीय भाव से समय बिताया। उन्होंने वृद्धजनों से उनकी दैनिक दिनचर्या, खान-पान, रहन-सहन तथा विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में सीधी बातचीत की और उनकी कठिनाइयों को संवेदनशीलता से समझा। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों को नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना-2016 के कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीने, भरण-पोषण प्राप्त करने तथा निःशुल्क कानूनी सहायता का अधिकार प्राप्त है।

लीगल एड क्लीनिक की समीक्षा एवं प्रशासनिक चर्चा

सचिव टोपनो ने वृद्धाश्रम परिसर में संचालित लीगल एड क्लीनिक के कार्यों की गहन समीक्षा की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बुजुर्गों को कानूनी सलाह एवं सहायता समय पर मिल रही है। उन्होंने वृद्धाश्रम के समस्त कक्षों, स्वच्छता व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का घूम-घूमकर जायजा लिया। तत्पश्चात आश्रम की अधीक्षिका पायल गुप्ता से आश्रम के संचालन में आ रही व्यावहारिक एवं प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

सखी वन स्टॉप सेन्टर सूरजपुर का विस्तृत निरीक्षण – पीड़ित महिलाओं से लिया गया फीडबैक

वृद्धाश्रम के निरीक्षण उपरांत सचिव पायल टोपनो सीधे सखी वन स्टॉप सेन्टर सूरजपुर पहुँचीं, जहाँ संकटकालीन स्थिति में महिलाओं को आश्रय एवं सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने केन्द्र में अस्थाई रूप से रह रही आश्रित महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की तथा उनकी काउंसलिंग, उनके मामलों की वर्तमान स्थिति एवं केन्द्र में उपलब्ध सुरक्षा व सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनके न्याय एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर, अभिलेख एवं पीएलव्ही के कार्यों की कड़ाई से जाँच:-

सचिव ने सखी सेंटर के आश्रय कक्ष, काउंसलिंग रूम, सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था तथा रसोईघर का बारीकी से निरीक्षण किया, ताकि वहाँ रह रही महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। केन्द्र प्रशासक विनीता सिन्हा से उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा, विधिक एवं पुलिस सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली गई। साथ ही केन्द्र में नियुक्त पैरा लीगल वालेंटियर (पीएलव्ही) के कार्यों की समीक्षा करते हुए दैनिक उपस्थिति पंजी एवं कार्य रजिस्टर की कड़ाई से जाँच की गई तथा अभिलेखों के नियमित रखरखाव के निर्देश दिए गए।

सचिव का स्पष्ट संदेश – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से बिना झिझक संपर्क करें

निरीक्षण के अंत में सचिव पायल टोपनो ने केन्द्र के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि किसी भी मामले में अथवा किसी महिला या बुजुर्ग को कोई कानूनी अड़चन अथवा समस्या आती है, तो बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित को न्याय एवं सहायता मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के शोषित, उपेक्षित एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।

निरीक्षण के दौरान उपस्थिति :-

इस अवसर पर पायल गुप्ता, अधीक्षिका, स्नेह सम्बल वृद्धाश्रम तिलसिवां, विनीता सिन्हा, केन्द्र प्रशासक, सखी वन स्टॉप सेन्टर सूरजपुर, सत्य नारायण एवं उमेश कुमार, पैरा लीगल वालेंटियर सूरजपुर सहित सखी वन स्टॉप सेन्टर का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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