जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित हुआ प्रशिक्षण, ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने सीखी गुणवत्तापूर्ण कार्ययोजना निर्माण की बारीकियां
सूरजपुर- राज्य शासन से प्राप्त निर्देशों एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सूरजपुर विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में जिला पंचायत संसाधन केंद्र में सभी ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना विषय पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत स्तर पर गुणवत्तापूर्ण विकास योजनाओं का निर्माण कर पंचायतों को सशक्त बनाना तथा शासन की मंशा अनुरूप जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विजेंद्र सिंह पाटले ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के सफल निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी ग्राम पंचायत के सचिव, सरपंच एवं अन्य लाइन डिपार्टमेंट के अमले की उपस्थिति एवं सक्रिय साझेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जितनी जिम्मेदारी सचिव एवं सरपंच की है, उतनी ही जिम्मेदारी अन्य विभागों के अधिकारियों की भी है। सभी के आपसी सामंजस्य एवं समन्वय से ही एक गुणवत्तापूर्ण कार्ययोजना तैयार की जा सकती है, जिसके माध्यम से पंचायतों को वास्तविक रूप से सशक्त किया जा सकेगा।
उप संचालक पंचायत विक्रम बहादुर ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि GPDP तैयार करने हेतु ग्रामों में बाल सभा, महिला सभा एवं ग्राम सभा का आयोजन कर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि PAI के स्कोर को देखकर संकल्प पारित किया जाए और जिन थीम्स में कम अंक प्राप्त हुए हैं, उन्हीं के अनुरूप कार्य योजना तैयार की जाए। इससे पंचायतों की कमियां दूर होंगी और गुणवत्तापूर्ण GPDP का निर्माण संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षण के समापन पर सभी अधिकारियों से अनुरोध किया कि इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी प्रशिक्षण आयोजित कर सभी फैसिलिटेटर को बुलाकर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण कराया जाए तथा समस्त कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराए जाएं।
जिला समन्वयक शशि सिन्हा ने प्रशिक्षण में 16वें वित्त आयोग की गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि GPDP निर्माण हेतु 16वें वित्त योजना की गाइडलाइन का अनुपालन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि 16वें वित्त योजना में पंचायतों को बेसिक ग्रांट एवं परफॉर्मेंस ग्रांट के आधार पर राशि प्राप्त होगी, जिसमें बेसिक ग्रांट के रूप में 80 प्रतिशत राशि टाईड एवं अनटाईड स्वरूप में तथा परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में 20 प्रतिशत राशि पंचायत के प्रदर्शन एवं ओन रिसोर्स कलेक्शन के आधार पर प्राप्त होगी। राशि प्राप्त करने हेतु गुणवत्तापूर्ण GPDP का निर्माण एवं ग्राम पंचायत में कर वसूली अनिवार्य होगी। उन्होंने यह भी बताया कि GPDP को अप्रूव करने से पूर्व 15 बिंदुओं के आधार पर 100 अंकीय स्कोर प्राप्त किया जा सकता है, जिसके माध्यम से सरपंच एवं सचिव स्वयं अपनी कार्य योजना की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकेंगे।
संकाय सदस्य निरोज सिंह ने प्रशिक्षण में बताया कि पंचायत पुरस्कार भी PAI में डाटा एंट्री करने के पश्चात अत्यधिक स्कोर प्राप्त होने पर प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे डाटा एंट्री की प्रक्रिया को गंभीरता से लें, जिससे जिले की पंचायतें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकें।
प्रशिक्षण में DPRC के संकाय सदस्य मनोज सिंह, निरोज सिंह, समस्त ब्लॉक स्तर के करारोपण अधिकारी, BPRC के संकाय सदस्य सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया, ताकि सूरजपुर जिले की पंचायतें गुणवत्तापूर्ण विकास के नए आयाम स्थापित कर सकें।

















