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कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

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सूरजपुर- कलेक्टर ने आज आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, डिप्टी कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे साथ ही जिला मुख्यालय से बाहर पदस्थ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में कलेक्टर ने कलेक्टर जनदर्शन एवं मुख्यमंत्री जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नाम सुधार, फौती नामांतरण, सड़क निर्माण, मकान मुआवजा राशि, अतिक्रमण हटाने, स्मार्ट मीटर स्थापना, राजस्व प्रकरणों सहित विभिन्न लंबित मामलों की जानकारी ली। प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की जानकारी लेते हुए आवासों की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल विलेज एवं मल्टी विलेज योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलसंचय के संरचनाओं की जानकारी ली। उन्होंने आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए नगरीय और ग्रामीण सभी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिले की समितियों में खाद एवं बीज के भंडारण तथा किसानों को वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को समय पर उर्वरक एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बारिश पूर्व सभी प्रमुख आवागमन मार्गों की आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल खुलने के पूर्व की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने जिले के ड्रॉपआउट बच्चों की संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विषयवार कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों एवं शिक्षकों की पहचान कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा ताकि आवश्यक कार्यवाही की जा सके। विशेष रूप से आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए चिन्हित विद्यालयों में उचित कार्यवाही करते हुए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के अंतर्गत कमजोर आर्थिक वर्ग के बच्चों के प्रवेश की स्थिति की भी समीक्षा की।

कलेक्टर ने पांडुलिपि सर्वेक्षण के अंतर्गत जिले में उपलब्ध प्राचीन एवं महत्वपूर्ण पांडुलिपियों की जानकारी संकलित करने हेतु सर्वेक्षण कार्य करने के निर्देश दिए। वहीं आकांक्षी ब्लॉक प्रतापपुर में नीति आयोग के निर्धारित संकेतकों के अनुसार विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा बैठक में उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वे कार्य के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने ग्रामवार दलों का गठन कर घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाने तथा निरक्षर व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए।

इसके अलावा कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुनियोजित कार्ययोजना के माध्यम से जिले के विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जा सकेगा तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकेगा।

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