आरईएस, आदिवासी विकास, हाउसिंग बोर्ड, सीएसपीडीसीएल एवं पंचायत विभाग के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा
पीएम आवास, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन एवं लखपति दीदी सहित प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध लाभ वितरण पर कलेक्टर का जोर
कलेक्टर ने कसी निर्माण एजेंसियों पर नकेल, दिये सख्त निर्देश
कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्न
सूरजपुर- कलेक्टर रेना जमील की अध्यक्षता में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस), आदिवासी विकास विभाग, हाउसिंग बोर्ड, सीएसपीडीसीएल तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता एवं समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, सर्व जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए समय पर कार्य पूर्ण न करने वाली निर्माण एजेंसियों पर उन्होने नाराजगी जाहिर करते हुए समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण कराकर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। प्रतापपुर में मत्स्य संवर्धन हेतु निर्माणाधीन कार्य आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में इसका लाभ स्थानीय मत्स्यपालकों को मिलना चाहिए।
आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने आदिवासी कन्या आश्रम प्रेमनगर तथा बालक छात्रावास छतरंग, प्रेमनगर, रामानुजनगर एवं ओड़गी के निर्माण, अनुरक्षण एवं मरम्मत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने को कहा। सरगुजा विकास प्राधिकरण के कार्यों की भी समीक्षा की गई। हाउसिंग बोर्ड अंतर्गत निर्माणाधीन तहसील कार्यालय, स्वास्थ्य एवं खेल विभाग के भवनों तथा शासकीय महाविद्यालय भवन की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीएसपीडीसीएल के कार्यों में मरम्मत को प्राथमिकता देने तथा निर्माण कार्यों से संबंधित लंबित विद्युत कार्यों का शीघ्र निराकरण करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति में सुधार लाने तथा निर्माणाधीन भवनों को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
पंचायत विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृत आवासों के निर्माण में तेजी लाते हुए अधिकाधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत, पूर्ण एवं लंबित कार्यों, ई-केवाईसी तथा सामाजिक अंकेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्होंने अधिकाधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने तथा लखपति दीदी योजना के माध्यम से सफल समूहों के अनुभवों का लाभ अन्य महिलाओं तक पहुँचाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने पर बल दिया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय, नाडेप, सोकपिट, प्लास्टिक एवं फिकल स्लज प्रबंधन की प्रगति की जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि जिले के कुल 543 ग्रामों में से 522 ग्राम (96.1 प्रतिशत) ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किए जा चुके हैं, जिसमें प्रेमनगर विकासखंड शत-प्रतिशत उपलब्धि के साथ अग्रणी है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की व्यवस्था 529 ग्रामों (97 प्रतिशत) में स्थापित की जा चुकी है। कलेक्टर ने यूज़र चार्ज संग्रहण (वर्तमान 54 प्रतिशत) में वृद्धि लाने तथा कचरा संग्रहण वाहनों (ट्राईसायकल) की क्रियाशीलता सुदृढ़ करने को कहा।
समीक्षा में बताया गया कि व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय के अंतर्गत वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में स्वीकृत समस्त शौचालय पूर्ण किए जा चुके हैं तथा वर्ष 2026-27 हेतु 1500 के लक्ष्य के विरुद्ध कार्य प्रगति पर है। सामुदायिक शौचालय का वार्षिक लक्ष्य 508 निर्धारित है, जिसमें 500 नवीन बालिका शौचालय सम्मिलित हैं। जिले में 03 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई एवं 02 फिकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट क्रियाशील हैं। कलेक्टर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 (ग्रामीण क्षेत्र) के चरणबद्ध क्रियान्वयन कृ अक्टूबर 2026 तक 15 प्रतिशत, मार्च 2027 तक 30 प्रतिशत एवं मार्च 2029 तक शत-प्रतिशत कृ के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा 01 से 05 जून 2026 तक समस्त ग्राम पंचायतों में आयोजित ’’स्वच्छ गांव-सुरक्षित जलवायु अभियान’’ को व्यापक जन-सहभागिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए।


















