फोन के बावजूद नहीं पहुंचीं नर्सें,ओड़गी रेफर करने की दी सलाह ग्रामीणों और सरपंच की मदद से रात में ले जाना पड़ा ब्लॉक मुख्यालय ओढ़गी
पहले भी हो चुकी ऐसी घटना, रास्ते में वाहन में हुआ था प्रसव मातृ सुरक्षा पर सवाल,स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
सरपंच सहित ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
“जनता को स्वास्थ्य सेवा चाहिए, बहाने नहीं। गर्भवती माताओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
सूरजपुर/ओड़गी- स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शासन-प्रशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच ग्राम पंचायत लांजित का स्वास्थ्य केन्द्र एक बार फिर गंभीर लापरवाही के आरोपों के कारण चर्चा में है। बीती रात लगभग 10:30 से 11 बजे के बीच प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला को उपचार एवं प्रसव के लिए स्वास्थ्य केन्द्र लांजित लाया गया, लेकिन आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण उसे समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी द्वारा संबंधित नर्सों को लगातार फोन कर बुलाया गया। गर्भवती महिला के परिजनों ने भी कई बार संपर्क कर तत्काल स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने का अनुरोध किया, लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद भी कोई स्वास्थ्यकर्मी प्रसव कराने नहीं पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि संबंधित नर्स द्वारा मरीज को ओड़गी रेफर करने की सलाह दी गई और स्वयं स्वास्थ्य केन्द्र आने से इनकार कर दिया गया।
स्थिति गंभीर होने पर सरपंच, ग्रामीणों और परिजनों के सहयोग से गर्भवती महिला को तत्काल ब्लॉक मुख्यालय ओड़गी के स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां सुरक्षित प्रसव कराया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ माह पूर्व भी कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण एक गर्भवती महिला को ओड़गी ले जाना पड़ा था और रास्ते में ही वाहन में उसका प्रसव हो गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित स्वास्थ्य केन्द्र में यदि प्रसव जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं भी समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तो ग्रामीणों को इसका लाभ कैसे मिलेगा। विशेष रूप से रात के समय गर्भवती महिलाओं को दूसरे स्वास्थ्य केन्द्रों का सहारा लेना पड़ना अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
ग्राम पंचायत लांजित के सरपंच धरम सिंह आयम ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा स्वास्थ्य केन्द्र में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि मातृ सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।


















