चांदनी बिहारपुर की पण्डो बस्ती में जल, सड़क, शिक्षा एवं पेंशन से जुड़ी समस्याएं आईं सामने, कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचाने का आश्वासन
सूरजपुर- शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहारपुर द्वारा गोद लिए गए ग्राम पण्डो बस्ती (कोलसो पारा एवं चौका पारा), चांदनी बिहारपुर में आज एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा पण्डो जनजाति परिवारों के बीच पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य किया गया। यह सर्वेक्षण महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री रंजीत कुमार सातपुते के मार्गदर्शन तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार जायसवाल के दिशा-निर्देश में संपन्न हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पण्डो जनजाति परिवारों से आत्मीयता से मिलकर उनकी जीवन पद्धति, दैनिक कठिनाइयों एवं मूलभूत आवश्यकताओं को निकट से समझने का प्रयास किया।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं:-
सर्वेक्षण के दौरान पण्डो जनजाति की महिलाओं ने बताया कि कई पात्र महिलाओं को अब तक वृद्धा पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बस्ती में पेयजल की विकराल समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि आवागमन के लिए समुचित सड़क की व्यवस्था नहीं है तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने क्षेत्र में नशे की प्रवृत्ति को एक गंभीर सामाजिक समस्या के रूप में रेखांकित किया।
समस्याओं के समाधान का आश्वासन
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी द्वारा पण्डो जनजाति के परिवारों को आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं का समाधान शासन स्तर से शीघ्रातिशीघ्र कराया जाएगा तथा इन समस्याओं को जिला सूरजपुर के कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से निश्चिंत रहने की अपील करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिवार उनके उत्थान के लिए सतत प्रयासरत रहेगा।
प्रभारी प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते ने इस पहल की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि पण्डो जनजाति के सर्वांगीण विकास एवं बेहतरी के लिए महाविद्यालय द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस सर्वेक्षण कार्य में स्वयंसेवक आशुतोष बेस, राकेश कुमार, देवदास बेस, नीतेश बेस, अंकित पांडे सहित अन्य स्वयंसेवकों के साथ-साथ एनएसएस सहायक अतिथि व्याख्याता अर्जुन प्रधान एवं रामनिवास पटेल का विशेष योगदान रहा।


















