अम्बिकापुर में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला में कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल, स्वदेशी अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण पर रखे विचार,
सरगुजा/अम्बिकापुर- दिनांक 13 जून 2026को पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं धार्मिक न्यास मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी विचार केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाने का व्यापक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों, कौशल, उद्यमिता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल अम्बिकापुर में स्वदेशी जागरण मंच के स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत आयोजित प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं, विचारकों, सामाजिक प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजनों ने सहभागिता की।
अपने उद्बोधन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति का आधार स्वदेशी सोच, स्थानीय उत्पादन और आत्मविश्वास से परिपूर्ण समाज है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्थानीय उद्योगों के संवर्धन तथा युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों के विकास तथा राष्ट्र के समग्र उत्थान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने स्वदेशी विचारधारा को वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में और अधिक प्रासंगिक बताते हुए इसके सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि स्वदेशी केवल वस्तुओं के उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनशैली, विचार और व्यवहार का विषय भी है। स्वदेशी मूल्यों को अपनाकर ही भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए वैश्विक स्तर पर मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित हो सकता है।
इस अवसर पर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं स्वदेशी चिंतक डॉ. अश्वनी महाजन, स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वदेशी संकल्पों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने तथा भारत को आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने के विभिन्न आयामों पर सार्थक संवाद एवं चिंतन किया गया।
























