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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में वितरित मंगलसूत्रों पर उठे सवाल, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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बेटियों के सम्मान से जुड़ी योजना में कथित अनियमितता को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बढ़ी चर्चा

एमसीबी/मनेंद्रगढ़। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वितरित किए गए मंगलसूत्रों की गुणवत्ता को लेकर नया विवाद सामने आया है। एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड अंतर्गत चनवारीडांड में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के बाद कुछ हितग्राहियों द्वारा वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने से मामला सुर्खियों में आ गया है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भाजपा सरकार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से विभिन्न सामग्री और उपहार प्रदान किए गए थे। इनमें वितरित किए गए मंगलसूत्रों को लेकर कुछ हितग्राहियों ने आपत्ति जताते हुए उनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। शिकायतों के सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।

पूर्व विधायक ने उठाए गंभीर सवाल

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को विवाह के अवसर पर सम्मानजनक सहयोग प्रदान करना है। ऐसे में यदि योजना के तहत चांदी के नाम पर नकली अथवा निम्न गुणवत्ता वाले मंगलसूत्र वितरित किए गए हैं तो यह अत्यंत गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं है, बल्कि उन बेटियों के सम्मान और विश्वास से भी जुड़ा हुआ है, जिनके लिए यह योजना संचालित की जाती है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए, लेकिन यदि शिकायतें सही हैं तो यह व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

गुलाब कमरो ने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में पूर्व में भी विभिन्न प्रकार की शिकायतें और अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। इसके बावजूद विभागीय व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो सरकार को इसकी गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सामग्री की खरीदी प्रक्रिया किस प्रकार की गई, गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर हुआ और वितरण से पहले संबंधित सामग्री का सत्यापन किया गया था या नहीं।

सरकार से पूछे कई सवाल

पूर्व विधायक ने सरकार और प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछते हुए कहा कि यदि शिकायतें सही साबित होती हैं तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि—

* कथित रूप से निम्न गुणवत्ता वाले मंगलसूत्रों की खरीदी किस प्रक्रिया के तहत की गई?

* सामग्री की आपूर्ति करने वाली एजेंसी कौन थी?

* गुणवत्ता परीक्षण और सत्यापन की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास थी?

* वितरण से पहले सामग्री की जांच क्यों नहीं की गई?

* इस कथित अनियमितता के लिए कौन जिम्मेदार है?

* क्या किसी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता हुई है?

उन्होंने कहा कि जनता को इन सवालों के जवाब मिलने चाहिए ताकि शासन की योजनाओं में लोगों का विश्वास बना रहे।

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

गुलाब कमरो ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक अथवा किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पद से हटाया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो सके।

उन्होंने यह भी मांग की कि जिन नवविवाहित हितग्राही कन्याओं को संदिग्ध गुणवत्ता वाले मंगलसूत्र वितरित किए गए हैं, उन्हें मानक गुणवत्ता के वास्तविक चांदी के मंगलसूत्र उपलब्ध कराए जाएं।

“बेटियों के सम्मान से समझौता स्वीकार नहीं”

पूर्व विधायक ने कहा कि बेटियों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ी किसी भी योजना में भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सिद्ध होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि बेटियों के हितों की रक्षा और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है।

कांग्रेस ने मुद्दा उठाने के दिए संकेत

गुलाब कमरो ने कहा कि हितग्राहियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद करती रहेगी।

उन्होंने कहा—

“बेटियों के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि शिकायतें सही हैं तो दोषियों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए और प्रभावित हितग्राहियों को न्याय मिलना चाहिए।”

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं हितग्राहियों द्वारा उठाए गए सवालों और पूर्व विधायक की मांग के बाद अब लोगों की नजर संभावित जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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