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जिले में उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया शाला प्रवेशोत्सव

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कलेक्टर रेना जमील ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं, शिक्षा की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर

पुष्प, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक प्रदान कर किया गया विद्यार्थियों का स्वागत

सूरजपुर- राज्य शासन के निर्देशानुसार नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर जिलेभर में आज शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में किया गया। जिले के सभी शासकीय विद्यालयों में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया तथा उन्हें गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं। विद्यालय परिसर बच्चों की मुस्कान और उत्साह से गुलजार नजर आया। शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।

यह कार्यक्रम सूरजपुर के माध्यमिक शाला ऊंचड़ी, प्रतापपुर के कन्या माध्यमिक शाला और उच्चतर माध्यमिक शाला लोलकी, रामानुजनगर के माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला बकना, ओडगी के उच्चतर माध्यमिक शाला लांजीत, प्रेमनगर के प्राथमिक शाला कनकपुर जैसी विभिन्न जगहों पर हर्षाेल्लास के साथ आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कलेक्टर रेना जमील ने जिले के सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर अध्ययन करने तथा खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों में अनुशासन, सहयोग, मित्रता और सामूहिक अध्ययन की भावना विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।

अभिभावकों के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में माता-पिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अभिभावक बच्चों की पढ़ाई में रुचि लें, विद्यालय एवं शिक्षकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति पर सतत निगरानी रखें। शिक्षक और अभिभावकों के बेहतर समन्वय से ही बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों को अपने संदेश में कहा कि आज के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे सोशल मीडिया में जीवन की दिशा से भ्रमित करने वाले सामग्रियों बड़ी संख्या में मौजूद हैं। उन्होंने बच्चों को इससे दूर रहने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के सकारात्मक उपयोग के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए एक अभियान चलाने को भी कहा।

उन्होंने विशेष रूप से बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों को अभी से सुनियोजित तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि निरंतर अध्ययन और नियमित अभ्यास से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। कलेक्टर ने शिक्षकों और बच्चों पर विश्वास व्यक्त किया कि जिले के सभी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करते हुए आगामी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

शाला प्रवेशोत्सव के माध्यम से जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता, विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

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