बंदियों से सीधी बातचीत कर सुनीं समस्याएं, स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन एवं नियमित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
सूरजपुर- न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा बंदियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनीता वार्नर की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट जेल विजिटर्स बोर्ड ने आज सूरजपुर जिला जेल का सघन एवं व्यापक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों की वर्तमान स्थिति, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से प्रदान की जा रही सेवाओं की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान बोर्ड के सदस्यों ने जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से मुआयना किया, जिसमें कैदियों के बैरक, रसोईघर, स्वास्थ्य केन्द्र एवं अन्य सामान्य उपयोग के क्षेत्रों का विस्तृत अवलोकन शामिल रहा। अधिकारियों ने कैदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना तथा उनकी दैनिक दिनचर्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण दल ने जेल में स्वच्छता की स्थिति, भोजन की गुणवत्ता एवं पोषण मानकों, दवाओं तथा चिकित्सकों की उपलब्धता सहित चिकित्सा सुविधाओं, कैदियों के लिए शिक्षा कार्यक्रमों एवं खेल-कूद जैसी मूलभूत सुविधाओं का गहनता से मूल्यांकन किया। इसके साथ ही जेल लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली की भी जाँच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कैदियों को कानूनी सलाह सहजता से उपलब्ध हो रही है।
जेल निरीक्षण के उपरांत जिला न्यायालय में आयोजित अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की समीक्षा बैठक में समस्त जिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैदियों को प्रदान की जाने वाली समस्त मौलिक सुविधाएं, जिनमें स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन एवं नियमित चिकित्सा जाँच सम्मिलित है, बिना किसी व्यवधान के सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जिला न्यायालय हेतु आबंटित भूमि, नवीन भवन के नक्शे तथा न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए निर्माणाधीन भवनों की प्रगति पर चर्चा करते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर रेना जमील ने सभी बैरकों में बंदियों से सीधे संवाद करते हुए शिक्षा पर विशेष जोर दिया तथा यह जानकारी ली कि जेल में आने से किसी बंदी की शिक्षा अधूरी तो नहीं रह गई अथवा कोई आगे अध्ययन करना चाहता है। निरीक्षण के दौरान जेल में पेयजल आपूर्ति की समस्या सामने आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र पानी की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. अजय मरकाम को निर्देशित किया कि जेल में सप्ताह में दो दिवस मनोचिकित्सक की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) आनंद प्रकाश वारियाल ने बंदियों से बातचीत करते हुए उन्हें जमानत, अधिवक्ता परिवर्तन तथा अपने प्रकरण की स्थिति जानने से संबंधित अधिकारों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बंदियों को प्रेरित किया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे जेल अधीक्षक अथवा प्राधिकरण की ओर से निरीक्षण हेतु आने वाले लीगल एड अधिवक्ताओं को बिना किसी भय के अपनी बात बताएं।
निरीक्षण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) आनंद प्रकाश वारियाल, कलेक्टर रेना जमील, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पायल टोपनो, जेल अधीक्षक, जेल में नियुक्त चिकित्सक डॉ. एल.के. भोई, कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी सहित जेल के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। यह संयुक्त निरीक्षण कैदियों के कल्याण एवं न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


















