विगत तीन वर्षों के प्रदर्शन मूल्यांकन में जयनगर, बतरा एवं प्रेमनगर के विद्यालयों ने बढ़ाया जिले का मान
प्राचार्यों ने रायपुर में प्राप्त किया राज्य स्तरीय प्रशिक्षण
सूरजपुर- पीएम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला रायपुर में आयोजित की गई, जिसमें जिले की उपलब्धियों ने सूरजपुर को पूरे छत्तीसगढ़ में गौरवान्वित किया है। पीएम नोडल चंद्रपाल कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में पीएम प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान पाठकों एवं प्राचार्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने विद्यालयों की गुणवत्ता, नवाचार, प्रभावी नेतृत्व तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
जिले के लिए सर्वाधिक गौरव का विषय यह रहा कि विगत तीन वर्षों के पीएम श्री विद्यालयों के प्रदर्शन मूल्यांकन में राज्य के शीर्ष पाँच विद्यालयों में सूरजपुर जिले के तीन विद्यालयों ने स्थान प्राप्त किया। इनमें पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय जयनगर, पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बतरा तथा पीएम श्री शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय प्रेमनगर सम्मिलित हैं। यह उपलब्धि जिले की उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्कृति, दूरदर्शी नेतृत्व एवं समर्पित शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है।
कलेक्टर रेना जमील ने इस उपलब्धि पर खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि राज्य के शीर्ष पाँच पीएम विद्यालयों में जिले के तीन विद्यालयों का स्थान बनाना समस्त शिक्षक साथियों, प्राचार्यों एवं विद्यार्थियों के सतत परिश्रम का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है, किंतु इसे अंतिम लक्ष्य न मानते हुए निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा के रूप में लिया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि शिक्षा की यह गुणवत्ता केवल चुनिंदा विद्यालयों तक सीमित न रहे, बल्कि जिले के प्रत्येक विद्यालय एवं प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचे। उन्होंने शिक्षकों एवं प्राचार्यों से आह्वान किया कि वे इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए सूरजपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने में अपना योगदान दें।
जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम श्री विद्यालय योजना का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, अनुकरणीय एवं भविष्योन्मुखी शिक्षा का केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य के शीर्ष पाँच विद्यालयों में जिले के तीन विद्यालयों का चयनित होना यहाँ के शिक्षकों की कठोर मेहनत, प्राचार्यों के प्रभावी नेतृत्व एवं विद्यार्थियों की लगन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मिश्रा ने कहा कि शिक्षा विभाग निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि जिले के समस्त विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता, नवाचार एवं अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। उन्होंने समस्त प्राचार्यों, प्रधान पाठकों एवं शिक्षकों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और बेहतर परिणाम देने का आह्वान किया।
जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू ने उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला प्रशासन के कुशल निर्देशन में आज सूरजपुर केवल उत्कृष्ट परिणामों के कारण नहीं, बल्कि सीखने की संस्कृति, टीमवर्क एवं नवाचार की सोच के कारण पूरे राज्य में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।
उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रत्येक प्राचार्य, प्रधान पाठक, शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षा विभाग के सामूहिक समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सूरजपुर आने वाले वर्षों में भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।


















