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ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए सांसद

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तिलक लगाकर किया नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत, वितरित की गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकें

हर बच्चे तक बेहतर शिक्षा और सुविधाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता : सांसद

सूरजपुर- सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने आज सूरजपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर शिक्षा की घंटी बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। उत्साह, उमंग एवं हर्षोल्लास के वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में सांसद एवं उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क शाला गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों सहित अन्य सामग्रियों का वितरण किया गया। नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत करते हुए मिठाइयां बांटी गईं और उनके विद्यालयी जीवन की नई शुरुआत को यादगार बनाया गया। इस दौरान सांकेतिक रूप से कक्षा पहली, पांचवीं, छठवीं एवं नवमी के 40 विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक एवं स्कूल बैग देकर सम्मानित किया गया, वहीं लगभग 20 ड्रॉप आउट बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ा गया तथा 06 ड्रॉप आउट बच्चों के पालकों का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में सहदेव राम रवि को उनके द्वारा किए जा रहे स्नेक रेस्क्यू कार्य के लिए शाला सुरक्षा सम्मान से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से प्रदेश के बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकेंगे तथा भविष्य में देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार एवं सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

अपने संबोधन में प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अध्ययन, अनुशासन, शिक्षकों का सम्मान एवं माता-पिता का आशीर्वाद ही जीवन में आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मार्ग है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा एवं लगन से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, चिकित्सक, शिक्षक, प्रशासक एवं जनप्रतिनिधि बनकर देश एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। श्री मरावी ने कहा कि शिक्षा, ज्ञान एवं संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं, और यही तीनों किसी भी विद्यार्थी की सफलता का मजबूत आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने, अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने तथा निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों के विकास तथा अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है।

इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने उपस्थित विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में विद्यालय केवल पढ़ाई करने की जगह नहीं, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। नवीन सत्र में प्रशासन की कार्ययोजना से अवगत कराते हुए उन्होंने बताया कि जिले में संचालित 1156 प्राथमिक एवं 496 माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों को सरकार की योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, निःशुल्क गणवेश, पीएम पोषण के अंतर्गत गर्म भोजन तथा बालिकाओं को निःशुल्क सरस्वती साइकिल का लाभ दिया जा रहा है।

कलेक्टर श्रीमती जमील ने वर्ष 2025-26 के जिले के बोर्ड परिणाम का उल्लेख करते हुए बताया कि कक्षा 10वीं में 82.75 प्रतिशत एवं कक्षा 12वीं में 86.46 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 10 एवं 14 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि आगामी सत्र से बच्चों को बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु भी बेहतर रणनीति के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी में कुल 47,803 नव-प्रवेशी विद्यार्थियों को शाला प्रवेश दिलाने का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध अब तक 29,637 बच्चों का प्रवेश हो चुका है तथा शेष बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया जारी है।

कलेक्टर ने सभी अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे विद्यालय परिवार से जुड़कर इस अभियान में सहभागी बनें तथा शाला प्रवेश उत्सव को केवल औपचारिकता न मानकर इसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनाएं। उन्होंने कहा कि एक ज़िम्मेदार पालक के नाते सभी अपने आस-पास के शत-प्रतिशत बच्चों को शाला से जोड़ें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर बच्चा एक ज़िम्मेदार नागरिक बन सके।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी देवपाल सिंह पैकरा, नगर पालिका परिषद सूरजपुर की अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, नगर पंचायत शिवनंदनपुर के अध्यक्ष श्री रितेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकेश पैकरा, सूरजपुर रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल, पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री भीमसेन अग्रवाल, श्री राजेश महलवाला, श्रीमती निर्मला यादव, श्रीमती कलेश्वरी, श्री शशिकांत गर्ग, श्री संदीप अग्रवाल, श्री राजेश्वर तिवारी सहित, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अजय कुमार मिश्रा, डीएमसी श्री मनोज कुमा साहू विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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