कलेक्टर ने उपस्थित बच्चों के साथ अपनी पुत्री को भी पिलाई पोलियो ड्रॉप
जिले में 0 से 05 वर्ष तक के 1,04,627 बच्चों को पोलियो खुराक पिलाने का लक्ष्य
जिलेवासियों से अभियान को सफल बनाने की अपील — 29 एवं 30 जून को घर-घर पहुँचेंगी स्वास्थ्य टीमें
सूरजपुर- पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में आज जिले में पल्स पोलियो अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ जिला चिकित्सालय, सूरजपुर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर रेना जमील ने की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला टीकाकरण अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ 0 से 05 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर ने उपस्थित बच्चों व स्वयं की पुत्री को पोलियो ड्रॉप पीला कर अभियान का शुभारंभ किया। कलेक्टर द्वारा अगवाई कर जिले के सभी अभिभावकों के संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा पिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर कलेक्टर रेना जमील ने जिले के समस्त नागरिकों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं अपंगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” प्रत्येक बच्चे का अधिकार है तथा किसी भी कारणवश कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 28 जून को सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके पश्चात 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुँच सके। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 1,04,627 (एक लाख चार हजार छह सौ सत्ताईस) शून्य से पाँच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के सफल संचालन हेतु जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिसके अंतर्गत पोलियो बूथों की स्थापना, मोबाइल टीमों एवं ट्रांजिट टीमों का गठन, आवश्यक दवाओं एवं वैक्सीन की उपलब्धता तथा कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया है।
अभियान के दौरान जिला एवं विकासखंड स्तर से नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजार, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष रूप से बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में सभी बच्चों को दवा पिलाना अत्यंत आवश्यक है। यदि कोई बच्चा पूर्व में पोलियो की नियमित खुराक ले चुका है, तब भी उसे पल्स पोलियो अभियान के दौरान “दो बूंद जिंदगी की” अवश्य पिलाई जानी चाहिए।
अंत में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से पुनः आग्रह किया कि वे अपने शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं तथा 29 एवं 30 जून को घर-घर आने वाली स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें, जिससे “पोलियो मुक्त सूरजपुर – स्वस्थ सूरजपुर” के लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त किया जा सके।


















