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जन आस्था के केंद्र पर भ्रष्टाचार: बांसापारा में दुर्गा पंडाल शेड व फर्श निर्माण में भारी गड़बड़ी का आरोप, शिव सेना ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

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एक ही स्थान पर दो अलग-अलग योजनाओं से ₹5 लाख की स्वीकृति पर उठाए सवाल
वास्तविक मूल्यांकन और दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग, मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

सूरजपुर/भैयाथान- विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत बांसापारा से शासकीय राशि के दुरुपयोग और जन आस्था के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। संगम चौक स्थित दुर्गा पंडाल परिसर में कराए गए शेड व फर्श निर्माण में भारी वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिव सेना जिला इकाई सूरजपुर ने जिला कलेक्टर को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

कागजों पर ₹5 लाख का खेल, धरातल पर घटिया निर्माण संगम चौक दुर्गा पंडाल के पास एक ही समय अवधि में दो अलग-अलग शासकीय योजनाओं से कुल 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे।

प्रथम कार्य- सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत ‘नवयुवक दुर्गा पंडाल फर्श निर्माण’ हेतु ₹3,00,000/- की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

द्वितीय कार्य- मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत इसी स्थान पर ‘रंगमंच निर्माण’ के लिए ₹2,00,000/- स्वीकृत किए गए।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों ही योजनाओं की राशि को आपस में मिलाकर एक ही शेड और फर्श का निर्माण करा दिया गया, जिसकी तकनीकी गुणवत्ता बेहद घटिया स्तर की है। दोनों कार्यों के पूर्ण होने की तिथि में महज 24 घंटे का अंतर दिखाकर पूरी राशि का कागजों पर हेरफेर कर बंदरबांट कर लिया गया है।

धार्मिक आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: हेमंत कुमार महंत

शिव सेना के जिला अध्यक्ष हेमन्त कुमार महंत ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि संगम चौक का दुर्गा पंडाल क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों की धार्मिक और सामाजिक आस्था का मुख्य केंद्र है। ऐसे पवित्र और संवेदनशील स्थान पर विकास कार्यों के नाम पर किया गया यह भ्रष्टाचार न केवल एक गंभीर आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सीधे तौर पर जनता की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का कृत्य है। धरातल पर जो काम हुआ है, वह किसी भी दृष्टिकोण से 5 लाख रुपये की लागत का नहीं दिखता।

जांच और वास्तविक मूल्यांकन की मांग

शिव सेना ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी स्वतंत्र तकनीकी जांच दल को मौके पर भेजकर पूरे निर्माण कार्य का वास्तविक मूल्यांकन कराया जाए। शासकीय धन का गबन करने वाली क्रियान्वयन एजेंसी और इसमें संलिप्त उप-अभियंता (सब-इंजीनियर) के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्यवाही की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं हुई, तो शिव सेना स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर भैयाथान ब्लॉक और जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन व चक्काजाम करने के लिए बाध्य होगी।

“कार्य प्रगतिरत है, जांच कराकर दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा”

ग्राम पंचायत बांसापारा के संगम चौक दुर्गा पंडाल के पास स्वीकृत निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिली है। इस मामले में वस्तुस्थिति यह है कि अभी कार्य प्रगतिरत है। शिव सेना और ग्रामीणों द्वारा जो भी शिकायतें और बिंदु उठाए गए हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर भौतिक सत्यापन और कार्य का वास्तविक मूल्यांकन कराया जाएगा, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। यदि जांच में किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी या लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।— मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत भैयाथान (जिला- सूरजपुर)

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