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प्रशासनिक तानाशाही: उच्चाधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे बेलगाम सचिव, सूरजपुर प्रशासन मौन!

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भैयाथान जनपद सीईओ ने दिए थे तत्काल निःशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश, समय-सीमा बीतने के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार 

सूरजपुर/भैयाथान- जिले के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत धरमपुर में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 की खुलेआम अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के जनसूचना अधिकारी सह सचिव रामधनी राजवाड़े पर न केवल आरटीआई कानून की अवहेलना करने, बल्कि अपने ही विभाग के उच्चाधिकारी के लिखित आदेश को भी नजरअंदाज करने के आरोप लगे हैं। प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जनपद पंचायत भैयाथान द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बावजूद आज तक आवेदक को मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

पारदर्शिता की मांग पर लगाया ताला

जानकारी के अनुसार, एक जागरूक नागरिक ने ग्राम पंचायत धरमपुर में हुए विकास कार्यों एवं शासकीय व्यय से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए आरटीआई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया था। निर्धारित समय-सीमा में जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील (ऑनलाइन आईडी क्रमांक 320260404002022) दायर की।

सीईओ ने सुनवाई कर दिए थे स्पष्ट निर्देश

प्रकरण क्रमांक 93/2026 में प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं सीईओ जनपद पंचायत भैयाथान ने 29 मई 2026 को दोनों पक्षों की सुनवाई की। सुनवाई के बाद जारी लिखित आदेश में सचिव रामधनी राजवाड़े को निर्देशित किया गया कि वे नियमानुसार मांगी गई समस्त जानकारी पूर्णतः निःशुल्क एवं तत्काल आवेदक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

एक माह बाद भी आदेश हवा में, सचिव बेखौफ

सीईओ के आदेश को जारी हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन 2 जुलाई 2026 तक न तो आवेदक को कोई दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और न ही किसी प्रकार का पत्राचार किया गया। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी जानकारी है जिसे सार्वजनिक करने से बचने के लिए सचिव अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की भी अनदेखी कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार छिपाने की आशंका, उठ रहे गंभीर सवाल

मामले ने ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि कहीं किसी संभावित वित्तीय अनियमितता या गड़बड़ी को छिपाने के लिए तो सूचना देने में जानबूझकर टालमटोल नहीं की जा रही।

अब राज्य सूचना आयोग तक पहुंचेगा मामला

सीईओ के आदेश की अवहेलना और आरटीआई कानून के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अब आवेदक द्वारा राज्य सूचना आयोग में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। साथ ही उच्चाधिकारियों से सचिव रामधनी राजवाड़े के विरुद्ध विभागीय जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन की मांग भी उठाई जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सूरजपुर जिला प्रशासन अपने ही अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने वाले जिम्मेदार कर्मचारी पर कार्रवाई करेगा, या फिर आरटीआई कानून की धज्जियां यूं ही उड़ती रहेंगी?

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