पहाड़गांव पर्यटन स्थल में कलेक्टर ने समूह की महिलाओं के साथ स्वयं ट्रेकिंग कर देखा जमीनी हालात
पर्यटन को बढ़ावा देने प्रशासन सक्रिय, सुरक्षा, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं के लिए दिए निर्देश
सूरजपुर- कलेक्टर रेना जमील ने रविवार को जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पर्यटन गतिविधियों तथा विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केनापारा पर्यटन स्थल, पंडोपारा स्थित राष्ट्रपति भवन, पहाड़गांव पर्यटन स्थल तथा सिलफिली में संचालित पिलखा क्षीर का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जमील ने केनापारा पर्यटन स्थल में समूह की महिलाओं से बोटिंग एवं फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने वहां स्थित ओपन जिम, हट एवं शेड का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा उपलब्ध संसाधनों को व्यवस्थित कर पर्यटन गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में संचालित दुकानों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उन्हें पुनः व्यवस्थित कर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने को कहा।
कलेक्टर ने पंडोपारा स्थित देश के दूसरे राष्ट्रपति भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भवन परिसर में प्रदर्शित देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वर्ष 1952 में पंडोपारा आगमन से संबंधित छायाचित्रों सहित अन्य तस्वीरों का अवलोकन किया। उन्होंने श्री बसंत पंडो से भेंट कर उनका सम्मान किया तथा आत्मीय चर्चा के दौरान उनसे ऐतिहासिक स्मृतियों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर बसंत पंडो ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद से मुलाकात से जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा कीं। निरीक्षण के दौरान रामचंद्र पंडो द्वारा स्वास्थ्य संबंधी समस्या से अवगत कराए जाने पर कलेक्टर ने बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही राष्ट्रपति भवन में आने वाले पर्यटकों एवं शोधार्थियों के लिए जनजातीय जीवन, संस्कृति और इतिहास से संबंधित फोटो गैलरी विकसित करने तथा आगंतुक पंजी संधारित करने के निर्देश भी दिए।
इसके पश्चात कलेक्टर जमील ने पहाड़गांव पर्यटन स्थल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने समूह द्वारा संचालित पिलखा हिल्स कैफे का अवलोकन किया तथा आने वाले पर्यटकों के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण यहां दूर-दूर से पर्यटक पहुंचते हैं। कलेक्टर ने यहां संचालित सामुदायिक गतिविधियों की जानकारी लेते हुए बोटिंग व्यवस्था के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समूह की महिलाओं ने बरसात के मौसम में बोट तक पहुंचने में पर्यटकों को होने वाली असुविधा से अवगत कराते हुए सीढ़ी निर्माण की आवश्यकता बताई, जिस पर कलेक्टर ने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ट्रैकिंग मार्ग का भी अवलोकन किया तथा स्वयं कुछ दूरी तक पैदल चलकर स्थल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पर्यटन स्थल पर सूचना पटल एवं सुरक्षा संबंधी निर्देश बोर्ड लगाने, बरसात के मौसम में मिट्टी कटाव रोकने के लिए पौधरोपण कराने तथा पूरे परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त बांध के निचले क्षेत्र में जल संरक्षण की दृष्टि से तकनीकी परीक्षण उपरांत तालाब निर्माण की संभावनाओं का परीक्षण करने तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर जमील ने मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कैफे का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रैकिंग के लिए चढ़ाई और उतराई के अलग-अलग मार्ग विकसित करने तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए सरल, मध्यम एवं कठिन श्रेणी के ट्रैक विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग अपनी सुविधा अनुसार ट्रैकिंग का अनुभव प्राप्त कर सकें। उन्होंने पहाड़गांव पर्यटन स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए नारियल के पौधे रोपित करने की संभावना पर कार्य करने को कहा, जिससे स्थल की सुंदरता बढ़ने के साथ समूह की महिलाओं के लिए आय के अतिरिक्त अवसर भी विकसित हो सकें। साथ ही पर्यटकों के लिए सर्वसुविधायुक्त शौचालय निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर ने सिलफिली में संचालित पिलखा क्षीर का निरीक्षण किया और इसे पुनः प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक रणनीति तैयार कर शीघ्र पहल सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।


















