छत्तीसगढ़/रायपुर- को भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM), रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन की शुरुआत योग एवं ध्यान सत्र से हुई। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के सदस्यों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योगाभ्यास कर दिन का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मुख्यमंत्री के साथ योग एवं ध्यान सत्र में सहभागिता करते हुए स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच एवं बेहतर कार्य संस्कृति का संदेश दिया।
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा योग सत्र का उद्देश्य शासन-प्रशासन में कार्यरत जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था, ताकि वे अधिक ऊर्जा, एकाग्रता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रदेश के विकास कार्यों को गति दे सकें। चिंतन शिविर के दौरान सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, धार्मिक स्थलों के विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर संचालन सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों एवं मंत्रियों ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक संतुलन, अनुशासन और कार्यक्षमता भी बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि चिंतन शिविर शासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी सभी प्रतिभागियों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ शरीर एवं सकारात्मक मन ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार हैं।।


















