राजेन्द्र पासवान
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोतल में आदिवासी मूल निवासी समाज द्वारा नवा खाई करमा महोत्सव का अयोजन किया गया ।
दरअसल नवा खाई त्यौहार दक्षिण छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहारों में से एक है। लेकिन बदलते वक्त के यह त्यौहार छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रायः सभी जिलों अपने अपने रीति – रिवाज के अनुसार मनाया जाने लगा है। मूल रूप से प्रदेश में निवासरत आदिवासी समाज के लोग इस त्यौहार को नया चावल के स्वागत में पारंपरिक तरीके से मनाते हैं। भाद्रपद ( अगस्त – सितंबर) के महीने में गणेश चतुर्थी के दूसरे दिन मनाया जाने वाले इस त्यौहार में आदिवासी समाज के लोग अपने घरों की साफ सफाई कर अपने इष्ट देवता की पूजा करते हैं। फिर नए – नए कपड़े पहनते हैं तथा एक दूसरे को मिष्ठान आदि उपहार देकर बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। इसके पश्चात अपने पारंपरिक वेश – भूषा में नृत्य करते हुए गीत संगीत का कार्यक्रम करते हैं।
सामाजिक एकता, प्रकृति प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाला यह त्यौहार आज काफी लोकप्रिय होता जा रहा है ।
इस अवसर पर कोतल सरपंच रघुनाथ सिंह, देव नारायण सिंह, ज्योतिष सिंह एवं अंगद राम सहित सैकड़ों की संख्या मे ग्रामीण उपस्थित रहे ।




















